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Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा पर करें लक्ष्मी मां की पूजा, जानें मोक्षदायिनी पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं?

Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा नए साल की पहली पूर्णिमा तिथि होने के साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन से कल्पवास और माघ मेले की शुरुआत होती है। आइए जानें पौष पूर्णिमा की तारीख, लक्ष्मी पूजन और चंद्र देव को अर्घ्य देने का मुहूर्त और इस दिन क्या करें क्या नहीं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 26, 2025 पर 7:00 AM
Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा पर करें लक्ष्मी मां की पूजा, जानें मोक्षदायिनी पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं?
रात के समय लक्ष्मी जी की पूजा करें और उन्हें सफेद मिठाई और खीर का भोग लगाएं।

Paush Purnima 2026: पौष माह को हिंदू धर्म सूर्य की उपासना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह की पूर्णिमा तिथि सबसे पवित्र मानी जाती है। पौष पूर्णिमा के दिन व्रत और पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पाप धूल जाते हैं। पौष पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी और चंद्र देव का पूजन कर अर्घ्य दिया जाता है और इसी दिन से कल्पवास और माघ मेले का आरंभ होता है। इस दिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। आइए जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

पौष पूर्णिमा तारीख

पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 जनवरी को शाम 06 बजकर 53 मिनट पर होगी और समापन अगले दिन 3 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट पर होगा। पौष पूर्णिमा का व्रत 3 जनवरी को रखा जाएगा।

प्रदोष काल में करें लक्ष्मी पूजन

पौष पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करनी चाहिए। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद शुरू होता है, उस दिन सूर्यास्त शाम को 05:36 बजे होगा। उसके बाद माता लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं। उस दिन रवि योग रात 08:04 बजे तक है।

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