Paush Purnima 2026: पौष माह की पूर्णिमा तिथि नए साल की पहली पूर्णिमा होगी। हिंदू धर्म में इसे सबसे पवित्र तिथियों में से एक माना जाता है। इस दिन किए गए व्रत और दान का पुण्य फल जातक के कई जन्मों के संचित पापों का नाश करता है। इस दिन माता लक्ष्मी और चंद्र देव के साथ ही सूर्य देव की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों में पूर्णिमा की रात को बहुत शक्तिशाली समय माना गया है क्योंकि इस समय चंद्रमा अपनी पूर्ण ऊर्जा में होता है। ये दिन हिंदू कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है, क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की पूजा की जाती है। पौष पूर्णिमा की रात को 'सिद्धियों की रात' भी कहा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की पूजा करने के साथ ही कुछ उपाय करने से पूरे साल उनकी कृपा बनी रहती है। मान्यता है कि पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं। आइए जानें कब है पौष पूर्णिमा और ये उपाय क्या हैं?
