Pradosh Vrat June 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ने वाले प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भक्तों को सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगा है। ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। शुक्रवार को प्रदोष व्रत होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष कहा जाएगा, जो जीवन में सुख, समृद्धि, मानसिक शांति और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है।
