Sakat Chauth 2026: सकट चौथ का व्रत हर साल माघ के महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान के संकटों को दूर करने से लिए व्रत करती हैं। ये व्रत संतान सुख की प्राप्ति की कामना से भी किया जाता है। इस व्रत को सकट चौथ के अलावा तिलकुटा चौथ, संकष्टि चतुर्थी और माघी चौथ व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत करने से सुख, सौभाग्य मिलता है और संतान की मुश्किलें दूर होती हैं। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और इस दिन संकटा माता और चंद्रमा की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान गणेश और संकटा माता की कथा सुनना शुभ माना जाता है। स्त्रियां इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत करती हैं और भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग भी लगाती हैं। शाम को चंद्रमा निकलने के बाद उसके दर्शन और पूजा करती हैं। इसके बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। आइए जानें ये व्रत किस दिन किया जाएगा, पूजा का मुहूर्त और महत्व क्या है?
