Sawan 2026: सावन का महीना हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना है। यह माह भगवान शिव का प्रिय है और उन्हें समर्पित भी है। इस माह में महादेव के अनन्य भक्त पूजा और मंत्र जाप के साथ ही उपवास भी करते हैं। इस साल सावन के महीने में एकादशी, प्रदोष और शिवरात्रि के अलावा 4 सोमवार व्रत और 4 मंगलवार को मंगला गौरी व्रत भी किए जाएंगे। इस माह में व्रत करने के कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है। सावन के महीने में पहली बार व्रत करने का संकल्प लेने वाले श्रद्धालुओं को इन नियमों को जरूर जान लेना चाहिए।
भगवान शिव के प्रिय माह सावन का शुभारंभ 30 जुलाई गुरुवार को आयुष्मान योग और श्रवण नक्षत्र में हो रहा है। इस दिन चंद्रमा मकर राशि और सूर्य कर्क राशि में रहेंगे। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात को 09:30 बजे तक है। इस बार सावन का महीना 31 दिनों का है। इसका समापन 28 अगस्त को होगा।
सावन 2026 में 4 सोमवार व्रत होंगे
3 अगस्त: पहला सावन सोमवार
17 अगस्त: तीसरा सावन सोमवार
24 अगस्त: चौथा सावन सोमवार
सावन 2026: मंगला गौरी व्रत
4 अगस्त: पहला मंगला गौरी व्रत
11 अगस्त: दूसरा मंगला गौरी व्रत
18 अगस्त: तीसरा मंगला गौरी व्रत
25 अगस्त: चौथा मंगला गौरी व्रत
सावन व्रत कैसे शुरू करें?
सावन में सोमवार व्रत स्त्री और पुरुष दोनों रह सकते हैं। लेकिन मंगला गौरी व्रत महिलाएं रखती हैं। इसके अलावा चतुर्थी, प्रदोष और शिवरात्रि के व्रत किए जाते हैं। सावन का प्रारंभ 30 जुलाई से हो रहा है और पहला सावन सोमवार व्रत 3 अगस्त को किया जाएगा। सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को है, जबकि प्रदोष व्रत 10 अगस्त और 25 अगस्त को हैं।
पहली बार व्रत करने वाले रखें इन नियमों का ध्यान