Sawan 2026 Rudrabhishek Date: सावन में कराना चाहते हैं रुद्राभिषेक, इन तिथियों पर महादेव के अनुष्ठान का मिलेगा शुभ परिणाम

Sawan 2026 Rudrabhishek Date: सावन के महीने में भगवान शिव के भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का अनुष्ठान करते हैं। यूं तो ये पूरा महीना भगवान शिव का प्रिय है, लेकिन कुछ तिथियों पर रुद्राभिषेक करने पर अत्यंत शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। आइए जानें कौन सी हैं ये तिथियां

अपडेटेड Jul 31, 2026 पर 3:00 PM
रुद्राभिषेक शुभ मुहूर्त या शुभ तिथि में किया जाता है तो इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है।

Sawan 2026 Rudrabhishek Date: पूरी दुनिया में मौजूद शिव भक्त सावन के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे भगवान शिव का प्रिय समय माना जाता है। इस माह में बहुत से श्रद्धालु जलाभिषेक के साथ-साथ देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक भी करते हैं। रुद्राभिषेक में 'रुद्र' शब्द भगवान शिव के उग्र लेकिन बेहद दयालु रूप को दिखाता है जबकि 'अभिषेक' का अर्थ है स्नान कराना या लेप लगाना। रुद्राभिषेक को भगवान शिव का अत्यंत पवित्र अनुष्ठान माना गया है। ऐसा माना जाता है कि अगर रुद्राभिषेक शुभ मुहूर्त या शुभ तिथि में किया जाता है तो इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। मान्यता है कि सावन के महीने में किया गया अभिषेक सबसे ज्यादा फलदायी होता है। आइए जानें इस साल सावन में रुद्राभिषेक कराने की शुभ तिथियां कौन सी हैं?

सावन में कब करें रुद्राभिषेक

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सावन के महीने में रुद्राभिषेक के लिए शिववास यानी शिवजी का निवास देखना आवश्यक होता है कि शिवजी उस दिन कहां विराजमान हैं। शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, कृष्ण पक्ष की अष्टमी, अमावस्या और शुक्लपक्ष की द्वितीया और नवमी तिथि को रुद्राभिषेक कराना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। क्योंकि, इस दिन भगवान शिव का वास माता पार्वता के साथ रहता है। इसलिए इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से घर परिवार में सुख समृद्धि आती है। वहीं, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, एकादशी और शुक्ल पक्ष की पंचमी और द्वादशी तिथि को भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर होता है। इसलिए इस दिन रुद्राभिषेक कराने से घर परिवार में सुख और परिवार में खुशियां बनी रहती हैं।

ये दिन भी रुद्राभिषेक के लिए शुभ

सावन के सोमवार : सावन के सभी सोमवार सबसे शुभ तिथियां हैं जिसमें रुद्राभिषेक सर्वोत्तम होगा। चूंकि ये दिन पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति के लिए समर्पित होता है, इसलिए आप पूरे सावन के किसी भी सोमवार को इस अनुष्ठान का आयोजन कर सकते हैं।

शिवरात्रि : श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन की शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस तिथि को शिव और पार्वती के पुनर्मिलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। यदि आप इस दिन रुद्राभिषेक करेंगे तो इसके विशेष शुभ फल हो सकते हैं।


प्रदोष व्रत : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों की त्रयोदशी तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। इन दोनों में से किसी भी दिन रुद्राभिषेक का आयोजन करने पर विशेष फल मिलते हैं।

नागपंचमी : श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 13 अगस्त को पड़ेगा। यदि आप इस दिन रुद्रभिषेक करेंगे तो इसके बहुत अच्छे फल मिलेंगे।

इन दिनों में नहीं करना चाहिए रुद्राभिषेक

माना जाता है कि सावन में कुछ ऐसी तिथियां भी हैं, जब महादेव श्मशान में निवास करते हैं। इन तिथियों में भूलकर भी रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए। यह तिथियां किसी भी पक्ष की तृतीया, सप्तमी, दशमी हैं, जब गृहस्थों को खासतौर से रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए।

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