Sawan 2026: सावन में पानी है भगवान शिव की कृपा, तो पहले जान लें सावन में शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं
Sawan 2026: सावन के महीने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह महीना भगवान शिव को अति प्रिय है। इस माह में भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए शिवलिंग पर कुछ चीजें अर्पित करना शुभ माना जाता है। आइए जानें सावन के पवित्र महीने में क्या चीजें शिवलिंग पर अर्पित करनी चाहिए और क्या नहीं
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 01, 2026 पर 6:08 PM
भगवान शिव की आराधना में शिवलिंग का जलाभिषेक और उस पर कुछ चीजें अर्पित की जाती हैं।
Sawan 2026: आषाढ़ का महीने लगने के साथ ही लोग सावन के महीने की तैयारियां शुरू कर देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने जो भक्त सच्चे मन से मां पार्वती और भगवान शिव की आराधना करता है, उन पर महादेव प्रसन्न होते हैं। उन्हें सारी दुख-तकलीफों से मुक्त करते हैं। सावन के पावन महीने में भगवान शिव की आराधना में शिवलिंग का जलाभिषेक और उस पर कुछ चीजें अर्पित की जाती हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं, वहीं कुछ चीजों को चढ़ाना शास्त्रों में पूरी तरह वर्जित माना गया है। सावन में आपको शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं, इसकी पूरी सूची नीचे दी गई है:
शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?
शिवलिंग पर इन पवित्र चीजों को चढ़ाने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है :
जल या गंगाजल : भोलेनाथ को सबसे प्रिय जल है। तांबे या पीतल के लोटे से शिवलिंग पर जल चढ़ाना सबसे उत्तम माना जाता है।
बेलपत्र : सावन में भगवान शिव को तीन पत्तियों वाला साफ, हरा और बिना कटा-फटा बेलपत्र उल्टा (चिकना हिस्सा नीचे की तरफ) करके चढ़ाएं।
दूध, दही और घी : गाय के कच्चे दूध, दही और शुद्ध देसी घी से शिवलिंग का अभिषेक करने से सुख-समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है।
शहद और शक्कर : शिवलिंग पर शहद और मिश्री/शक्कर चढ़ाने से जीवन में मिठास आती है और वाणी में मधुरता बढ़ती है।
धतूरा और भांग : शिव जी को धतूरा, भांग और आक (मदार) के फूल बेहद प्रिय हैं। इन्हें चढ़ाने से जीवन की कठिन बाधाएं दूर होती हैं।
सफेद चंदन और भस्म : शिव जी वैरागी हैं, इसलिए उन्हें चंदन का तिलक लगाना और भस्म (विभूति) अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
अक्षत : शिवलिंग पर चावल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि चावल का कोई भी दाना टूटा हुआ (खंडित) न हो।
शिवलिंग पर ये चीजें भूलकर भी नहीं चढ़ाएं
शास्त्रों के अनुसार, कुछ चीजों को शिवलिंग से दूर रखना चाहिए, क्योंकि इन्हें चढ़ाने से पूजा खंडित हो सकती है :
तुलसी के पत्ते : पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने तुलसी जी के पति (असुर जालंधर) का वध किया था, इसलिए शिव पूजा में तुलसी पूरी तरह वर्जित है।
हल्दी और कुमकुम/सिंदूर : हल्दी और कुमकुम को स्त्री तत्व और सौंदर्य प्रसाधन से जोड़ा जाता है। चूंकि शिवलिंग पुरुष तत्व और वैराग्य का प्रतीक है, इसलिए इस पर हल्दी, रोली या सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता।
केतकी का फूल : भगवान शिव ने केतकी के फूल को झूठ बोलने के कारण श्राप दिया था, तब से शिव पूजा में केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
शंख से जल : शिव पुराण के अनुसार, महादेव ने शंखचूड़ नाम के दैत्य का वध किया था, जिसके कारण शिव जी की पूजा में न तो शंख बजाया जाता है और न ही शंख से जल चढ़ाया जाता है।
नारियल पानी : शिवलिंग पर चढ़ाई गई चीजें ग्रहण करना वर्जित होता है, और नारियल पानी देवताओं को चढ़ाने के बाद प्रसाद रूप में पिया जाता है। इसलिए शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाया जाता। हालांकि साबुत नारियल माता पार्वती के आगे अर्पित किया जा सकता है।
लाल रंग के फूल : शिव जी को सफेद रंग के फूल प्रिय हैं। चमेली या लाल रंग के अन्य फूल आमतौर पर देवी पूजन में उपयोग होते हैं, इन्हें शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
सावन में करें चंद्राकार परिक्रमा : सावन में जब भी आप शिवलिंग की परिक्रमा करें, तो ध्यान रखें कि 'जलाधारी' (सोमसूत्र यानी जहां से जल बहता है) को कभी लांघें नहीं। हमेशा चंद्राकार (आधी परिक्रमा) ही करनी चाहिए।