कष्ट मुक्ति के लिए जरूर करें शिव पूजा सावन में, जानिए सही विधि और चमत्कारी मंत्र!

साल 2026 में सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को है। इस दिन भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं, व्रत रखते हैं और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया सावन सोमवार का व्रत भोलेनाथ का आशीर्वाद दिलाता है और जीवन में सुख-शांति व खुशहाली लाता है।

अपडेटेड Jul 17, 2026 पर 12:33 PM

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान आने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आप भी साल 2026 में सावन सोमवार व्रत (Sawan Somwar Vrat) रखने जा रहे हैं, तो जानिए इसकी तिथि (Date) , शुभ मुहूर्त और पूजा करने की सही विधि:

First Sawan Somwar (पहला सावन सोमवार)

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साल 2026 में सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई (30, July) को पड़ेगा। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान आने वाले हर सोमवार का विशेष महत्व होता है। पहले सावन सोमवार के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।


Muhurat (शुभ मुहूर्त)

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सावन सोमवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान शिव की पूजा करें और सूर्योदय के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। अगर संभव हो तो शाम के प्रदोष काल में भी शिव पूजा और आरती करना शुभ माना जाता है। पूजा का सही समय (Muhurat) जानने के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग का सहारा लें।

Pooja Vidhi (पूजा विधि)

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सबसे पहले घर या मंदिर के पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिवलिंग पर जल और गंगाजल चढ़ाएं। फिर दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, चंदन, अक्षत और मौसमी फल अर्पित करें। पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" "Om Namah Shivaya" मंत्र का जाप करें, शिव चालीसा (Shiv Chalisa)और सावन सोमवार व्रत कथा (Sawan Somwar Vrat Katha) का पाठ करें। अंत में कपूर या घी का दीपक जलाकर आरती करें और प्रसाद सभी में बांटें।

Vrat Niyam (व्रत के नियम)

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सावन सोमवार का व्रत श्रद्धा और नियमों के साथ करना चाहिए। इस दिन सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। दिनभर सात्विक भोजन करें या फलाहार लें। कई लोग केवल एक समय भोजन करते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु निर्जला व्रत भी रखते हैं। व्रत (Vrat) के दौरान झूठ बोलने, क्रोध करने, किसी का अपमान करने और तामसिक भोजन से बचना चाहिए। मन को शांत रखें, भगवान शिव का ध्यान करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते रहें। जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार दान देना भी शुभ माना जाता है।

Sawan Somwar Importance (सावन सोमवार का महत्व) 

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धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि इस व्रत को सच्चे मन से करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं, घर में सुख-शांति बनी रहती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। कई लोग अच्छे वैवाहिक जीवन और मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से भी यह व्रत रखते हैं।

पूजा में क्या-क्या चढ़ाएं?

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भगवान शिव को जल, गंगाजल, बेलपत्र, सफेद चंदन, अक्षत, सफेद फूल, धतूरा, भांग, शहद, दूध, दही, घी, शक्कर और मौसमी फल अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा के बाद दीपक जलाकर आरती करें और प्रसाद परिवार के सभी लोगों में बांटें।

इन बातों का रखें ध्यान

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पूजा के समय साफ और हल्के रंग के कपड़े पहनें। शिवलिंग (Shivling) पर हल्दी, तुलसी के पत्ते और केतकी का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए। बेलपत्र हमेशा साफ और बिना टूटे हुए होने चाहिए तथा उन्हें उल्टा नहीं चढ़ाना चाहिए। पूजा के दौरान मन शांत रखें, किसी का अनादर न करें और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव का स्मरण करें। इससे पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

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