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Shukra Pradosh Vrat 2026: चार शुभ संयोगों में प्रदोष व्रत कल, जानें प्रदोष काल पूजा मुहूर्त और पूरी विधि

Shukra Pradosh Vrat 2026: माघ मास का अंतिम प्रदोष व्रत कल यानी शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को किया जाएगा। माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किए जाने वाले इस व्रत में 4 शुभ संयोगों का निर्माण हो रहा है। आइए जानें इस व्रत की विधि और प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 29, 2026 पर 2:35 PM
Shukra Pradosh Vrat 2026: चार शुभ संयोगों में प्रदोष व्रत कल, जानें प्रदोष काल पूजा मुहूर्त और पूरी विधि
माघ मास के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत कल यानी शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

Shukra Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व है। हिंदू वर्ष के प्रत्येक माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ये व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 प्रदोष व्रत किए जाते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस व्रत में प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। माघ मास के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत कल यानी शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को किया जाएगा। प्रदोष व्रत का महत्व उसे किए जाने वाले दिन से और बढ़ जाता है। जैसे सोमवार को प्रदोष व्रत की तिथि पड़ी, तो वो सोम प्रदोष व्रत होगा। इस बार प्रदोष व्रत शुक्रवार को पड़ रहा है, तो ये शुक्र प्रदोष व्रत होगा। खास बात ये है कि यह प्रदोष व्रत जनवार 2026 का अंतिम प्रदोष व्रत भी है। इस बाद जनवरी के महीने में तीन प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बना है। आइए जानते हैं शुक्र प्रदोष व्रत पर बनने वाले 4 शुभ संयोग, पूजा मुहूर्त और शिव जी को क्या नहीं चढ़ाते हैं?

शुक्र प्रदोष मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल त्रयोदशी तिथि 30 जनवरी को सुबह 11:09 बजे से लेकर 31 जनवरी को सुबह 8:25 बजे तक है। इस बार शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 59 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 37 मिनट तक है। प्रदोष व्रत पर पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 38 मिनट का है।

प्रदोष व्रत पर बन रहे हैं 4 शुभ संयोग

जनवरी के अंतिम प्रदोष व्रत पर 4 शुभ संयोग बन रहे हैं। इसकी वजह से यह प्रदोष व्रत और भी पुण्य फलदायी हो गया है। 30 जनवरी को पड़ने वाले प्रदोष व्रत पर जया एकादशी व्रत का पारण होना है। इसके अलावा दूसरा इस दिन प्रदोष व्रत के साथ शुक्रवार व्रत है, जिसमें माता लक्ष्मी और मां दुर्गा की पूजा होती है। इस दिन रवि योग बना है, जो त्रयोदशी में 31 जनवरी को प्रात:काल 03:27 बजे से सुबह 07:10 बजे तक है। चौथा संयोग सर्वार्थ सिद्धि योग का बना है, वह भी रवि योग के साथ ही है।

शुक्र प्रदोष में शुभ समय

शुक्र प्रदोष के दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से लेकर दोपहर 12:56 बजे तक है। वहीं, प्रदोष व्रत का निशिता मुहूर्त देर रात 12:08 बजे से लेकर मध्यरात्रि 01:01 बजे तक है।

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