Navratri Kanya Pujan 2025: कन्या पूजन में ये छोटी-छोटी गलतियां कर सकती हैं व्रत व्यर्थ, जानें सावधानियां

Navratri Kanya Pujan 2025: नवरात्रि में कन्या पूजन का खास महत्व है, जिसे अष्टमी या नवमी तिथि को किया जाता है। इस पूजा में 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को मां दुर्गा के रूप में सम्मानित किया जाता है और उनके पैर धोकर, तिलक लगाकर, सात्विक भोजन कराया जाता है।

अपडेटेड Sep 25, 2025 पर 10:47 PM

नवरात्रि के अष्टमी या नवमी तिथि को की जाने वाली कन्या पूजन में कई बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। अगर पूजा के नियमों और विधियों में कोई छोटी सी भी चूक हो जाए तो पूरे नौ दिनों के व्रत का फल नहीं मिलता और मां दुर्गा रुष्ट हो सकती हैं। इसलिए सावधानी पूर्वक पूरी पूजा करनी चाहिए।

नवरात्रि की अष्टमी या नवमी तिथि को किया जाने वाला कन्या पूजन इस बार 29 और 30 सितंबर को होगा। इस पूजा में कुछ खास नियमों और सावधानियों का ध्यान न देना मां दुर्गा की कृपा से वंचित कर सकता है और पूरे नौ दिनों के व्रत का फल भी नहीं मिल सकता। छोटे-छोटे नियम जैसे पूजा के दौरान कन्याओं का सम्मान करना, साफ-सफाई का खास ख्याल रखना, और पूजा सामग्री शुद्ध रखना बेहद जरूरी होता है।

पूजा के समय धूप-दीप जलाना, गोली का इस्तेमाल करना, तथा कन्याओं को भोजन कराना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, कन्याओं से कोई अमंगल या अशुभ शब्द न कहें और पूजा स्थल को स्वच्छ रखना चाहिए। इन छोटी-छोटी बातों का विशेष ध्यान रखने से इस महत्वपूर्ण व्रत का पूरा लाभ मिलता है।

ऋषि-मुनियों के अनुसार, नवरात्रि के दिन मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए मन को एकाग्र रखना और पूजा सादगी से करना जरूरी है। पूजा में कोई भी गलती नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कन्याएं देवी दुर्गा का रूप मानी जाती हैं। सही नियमों के साथ कन्या पूजन करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है। इसलिए इस नवरात्रि 2025 में कन्या पूजन के दौरान दिए गए नियमों का पालन करें और गलती से बचें ताकि व्रत सफल और फलदायक हो।


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