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Varuthini Ekadashi: 13 अप्रैल को किया जाएगा वरूथिनी एकादशी का व्रत, इन लापरवाहियों की वजह स टूट सकता है आपका व्रत

Varuthini Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है। भगवान विष्णु के लिए किए जाने वाले इस व्रत में कुछ लापरवाहियां काफी नुकसानदायक सिद्ध हो सकती हैं। आइए जानें वैशाख माह की पहली वरूथिनी एकादशी व्रत में कौन सी बातों से बचना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 06, 2026 पर 7:37 PM
Varuthini Ekadashi: 13 अप्रैल को किया जाएगा वरूथिनी एकादशी का व्रत, इन लापरवाहियों की वजह स टूट सकता है आपका व्रत
एकादशी पर भगवान विष्णु इसलिएके भोग में तुलसी दल शामिल करना न भूलें।

Varuthini Ekadashi: हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। ये तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और हिंदू धर्म की अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथियों में से एक मानी जाती है। माना जाता है कि एकादशी व्रत को सच्ची श्रद्धा और विधि विधान से करने वाले भक्तों पर भगवान श्री हरि का हाथ सदा बना रहता है। उनके आशीर्वाद से भक्तों के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और वैकुंठ में स्थान मिलता है।

एकादशी व्रत जितना महत्वपूर्ण है उतने सख्त इसके नियम हैं और जरा सी लापरवाही से आपके पूरे दिन के व्रत का फल नष्ट हो सकता है। हर माह की तरह वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को भी व्रत किया जाएगा। इस माह की पहली एकादशी को वरूथिनी एकादशी कहते हैं। इस साल वरूथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को किया जाएगा। आइए जानें इस दिन पूजा का क्या मुहूर्त है और व्रत के दिन क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

एकादशी व्रत की तारीख

सोमवार, 13 अप्रैल 2026

एकादशी तिथि प्रारंभ- 13 अप्रैल 2026, रात 01:16 बजे

एकादशी तिथि समाप्त- 14 अप्रैल 2026, रात 01:08 बजे

एकादशी व्रत पारण का समय

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