Vat Savitri Vrat 2026 Date: दुर्लभ योग में किया जाएगा वट सावित्री व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और सही तारीख

Vat Savitri Vrat 2026 Date: वट सावित्री का व्रत सुखी दांपत्य और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को किया जाता है। इस साल वट सावित्री के व्रत पर दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है। आइए जानें इस व्रत की तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा

अपडेटेड May 02, 2026 पर 6:57 PM
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इस दिन वट सावित्री व्रत की पूजा सौभाग्य योग और शोभन योग में की जाएगी।

Vat Savitri Vrat 2026 Date: विवाहित स्त्रियों के लिए वट सावित्री का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ज्येष्ठ माह की अमावस्या को किया जाने वाले इस व्रत में बरगद या यानी वट वृक्ष की पूजा की जाती है। साथ ही देवी सावित्री और सत्यवान की कथा भी सुनी और कही जाती है। यह व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखा जाता है। वैसे वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह में दो बार रखा जाता है, एक ज्येष्ठ अमावस्या को और दूसरा ज्येष्ठ पूर्णिमा को। ज्येष्ठ अमावस्या का वट सावित्री व्रत जहां उत्तर भारत में किया जाता है, वहीं ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट सावित्री व्रत मध्य और दक्षिण भारत में किया जाता है।

इस बार वट सावित्री व्रत में कई दुर्लभ संयोगों का निर्माण होने से यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो गया है। ज्येष्ठ अमावस्या को ही शनि जयंति भी मनाई जाती है। इस साल इस दिन शनि जयंति के साथ ही शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसके अलावा इस दिन वट सावित्री व्रत की पूजा सौभाग्य योग और शोभन योग में की जाएगी। आइए जानते हैं कि वट सावित्री व्रत कब है? वट सावित्री व्रत का मुहूर्त और महत्व क्या है?

वट सावित्री व्रत 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, वट सावित्री व्रत के लिए ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 16 मई को प्रात: 5 बजकर 11 मिनट से शुरू हो रही है, वहीं इस तिथि का समापन 17 मई को देर रात 1 बजकर 30 एएम पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर वट सावित्री व्रत 16 मई शनिवार को रखा जाएगा।

वट सावित्री व्रत सौभाग्य योग का दुर्लभ संयोग

16 मई को वट सावित्री व्रत के दिन सौभाग्य योग और शोभन योग बन रहे हैं। सौभाग्य योग सुख और सौभाग्य को बढ़ाने वाला है। वट सावित्री व्रत भी अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है। ऐसे में सौभाग्य योग में वट सावित्री व्रत की पूजा अत्यंत शुभ फलदायी होगी। वट सावित्री व्रत के दिन सौभाग्य योग प्रात:काल से लेकर सुबह 10 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से शोभन योग बनेगा। वट सावित्री व्रत पर भरणी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर शाम 05:30 बजे तक है, उसके बाद से कृत्तिका नक्षत्र लगेगा।


वट सावित्री व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त

वट सावित्री व्रत के दिन स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 04:07 बजे से प्रात: 04:48 बजे तक है। उस दिन सूर्योदय सुबह 05:30 बजे होगा।

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:50 बजे से लेकर दोपहर 12:45 बजे तक

शुभ-उत्तम मुहूर्त : सुबह 07:12 बजे से लेकर सुबह 08:54 बजे तक

चर-सामान्य मुहूर्त : दोपहर 12:18 बजे से लेकर दोपहर 02:00 बजे तक रहेगा

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