Get App

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत करने से पहले पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट नोट कर लें, इनके बिना अधूरी मानी जाती है अखंड सौभाग्य की पूजा

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत को हिंदू विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। इस व्रत के लिए कुछ पूजा सामग्री बेहद जरूरी है, जिसके पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए जानें कब है वट सावित्री व्रत और क्या है सामग्री लिस्ट

MoneyControl Newsअपडेटेड May 08, 2026 पर 10:28 PM
Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत करने से पहले पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट नोट कर लें, इनके बिना अधूरी मानी जाती है अखंड सौभाग्य की पूजा
इस साल वट सावित्री का व्रत 16 मई 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा।

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत को हिंदू धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली उपवास में गिना जाता है। यह व्रत विवाहित हिंदू महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य की कामना से किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। बहुत जगह पर इस दिन महिलाएं पूरे दिन निराजल उपवास भी करती हैं। यह व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या और पूर्णिमा को भारत के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाता है। माना जाता है कि जैसे सावित्री ने इस व्रत के पुण्य से अपने पति के प्राण यमराज से वापस लिए थे, वैसे ये व्रत करने वाली सभी महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

वट सावित्री व्रत की तारीख

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि का आरंभ 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि का समापन 16 मई को ही देर रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदयातिथि को देखते हुए इस साल वट सावित्री का व्रत 16 मई 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा।

वट सावित्री व्रत पूजा मुहूर्त

16 मई को प्रात:काल 10:26 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा और उसके बाद शोभन योग प्रारंभ हो जाएगा। दोनों योग अत्यंत शुभ फलदायी हैं। इसलिए, इन योगों में वट सावित्री की पूजा पुण्यदायी और फलदायी रहेगी।

वट सावित्री व्रत 2026 की संपूर्ण पूजा सामग्री

वट सावित्री व्रत को हिंदू धर्म के बेहद पवित्र और प्रभावशली पर्व के तौर पर जाना जाता है। इसलिए इस व्रत की पूजा सामग्री का भी बेहद ध्यान रखा जाता है। इस दिन की पूजा में कुछ चीजों का होना बेहद जरूरी है, जिनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती हैं। आइए जानें इस व्रत की संपूर्ण पूजा सामग्री

सब समाचार

+ और भी पढ़ें