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पाकिस्तानी क्रिकेट पर शर्मनाक आरोप! नेपाल प्रीमियर लीग में खेलने के लिए PCB ने मांगे प्रति क्रिकेटर 24 लाख रुपये

Pakistan News: एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल प्रीमियर लीग (NPL) के आयोजकों का कहना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग में हिस्सा लेने की अनुमति देने के बदले प्रति क्रिकेटर 25,000 डॉलर (23.73 लाख भारतीय रुपये) की फीस मांग रहा है। इस खबर को लेकर पाकिस्तान की दुनियाभर में किरकिरी हो रही है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 26, 2026 पर 8:27 AM
पाकिस्तानी क्रिकेट पर शर्मनाक आरोप! नेपाल प्रीमियर लीग में खेलने के लिए PCB ने मांगे प्रति क्रिकेटर 24 लाख रुपये
Pakistan News: पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड पर नेपाल ने शर्मनाक आरोप लगाया है

Pakistan News: नेपाल प्रीमियर लीग (NPL) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। लीग के आयोजकों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को विदेशी टी20 लीग में खेलने की अनुमति देने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी से 25,000 अमेरिकी डॉलर की मांग कर रहा है। भारतीय करेंसी में यह रकम करीब 23.73 लाख रुपये बताई गई है। इस मामले ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली और विदेशी टी20 लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

NOC नहीं मिलने से पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ीं

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने नेपाल प्रीमियर लीग में भाग लेने वाले कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अब तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC जारी नहीं किया है। कुछ खिलाड़ियों को पहले अनुमति मिल गई थी। लेकिन बाद में उनकी मंजूरी को कथित तौर पर रोक दिया गया। इस विवाद से प्रभावित खिलाड़ियों में पाकिस्तान के टी20 कप्तान साहिबजादा फरहान, हैदर अली, हुनैन शाह, हुसैन तलत, इफ्तिखार अहमद, हसन अली और उसामा मीर के नाम शामिल बताए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ खिलाड़ी पहले ही नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच चुके हैं। लेकिन NOC की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण उनकी भागीदारी पर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, कुछ अन्य खिलाड़ियों ने विवाद सुलझने तक अपनी यात्रा रोक दी है। नेपाल प्रीमियर लीग का आयोजन 26 अक्टूबर से 21 नवंबर तक होना निर्धारित है। ऐसे में टूर्नामेंट शुरू होने के समय ही यह विवाद खिलाड़ियों और आयोजकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

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