BCCI Selection Committee 2025: एशिया कप 2025 के लिए किए गए टीम इंडिया के ऐलान के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के दो साथी चयनकर्ताओं की छुट्टी होने वाली है। बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) ने शुक्रवार (22 अगस्त) को पांच सदस्यीय सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चयन समिति में दो पदों के साथ-साथ महिला पैनल में चार पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनकर्ता पद के लिए पात्रता मानदंडों में पिछले कुछ वर्षों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आवेदकों को कम से कम सात टेस्ट मैच या 30 फर्स्ट कैटेगरी मैच खेलने चाहिए।
इसके अलावा कम से कम 10 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और 20 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले उम्मीदवारों के नाम पर भी विचार किया जा सकता है। BCCI के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, "चयनकर्ताओं के कॉन्ट्रैक्ट का हर साल नवीनीकरण किया जाता है। हमने अभी तक यह तय नहीं किया है कि किन चयनकर्ताओं को बदला जाएगा, लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।"
वर्तमान में पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत अगरकर हैं। इसमें एसएस दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरथ शामिल हैं। इस समिति ने हाल में एशिया कप के लिए टीम का चयन किया था।
बोर्ड ने इसके अलावा पुरुष जूनियर क्रिकेट चयन समिति में एक पद को भरने के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह शिविरों, दौरों और टूर्नामेंटों के लिए आयु वर्ग की टीमों (अंडर-22 तक) का चयन करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। बीसीसीआई ने महिला राष्ट्रीय चयन समिति के चार पदों के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। वर्तमान चयन समिति में नीतू डेविड (अध्यक्ष), रेणु मार्ग्रेट, आरती वैद्य, कल्पना वेंकटचार और श्यामा डे साव शामिल हैं।
विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि साव ही एकमात्र ऐसी सदस्य हैं जिन्हें समिति में बरकरार रखा जाएगा। वर्तमान समिति ने मंगलवार को वनडे विश्व कप के लिए टीम का चयन किया था। वनडे विश्व कप अगले महीने से भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा। सभी आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी एशिया कप के लिए भारतीय टीम की घोषणा के बाद अजीत अगरकर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से एक बड़ी राहत मिली है। चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में उनका कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को सामने आए इस कॉन्ट्रैक्ट डिटेल्स को कथित तौर पर 2025 इंडियन प्रीमियर लीग से बहुत पहले ही अंतिम रूप दे दिया गया था।