भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से मुलाकातें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। दोनों कई बार वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेते और उनसे बातचीत करते नजर आए हैं। दोनों ही प्रेमानंद महाराज के बड़े भक्त भी माने जाते हैं। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर फलहारी महाराज के वायरल हो रहे दावे, जिसमें उन्होंने कहा था की विराट और अनुष्का जब पहली बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे तो इसके लिए उन्हें पांच करोड़ रुपये दिए गए थे, पर कोहली के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है।
कोहली के प्रवक्ता ने आरोप को किया खारिज
उन्होंने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के इस दावे को सख्ती से खारिज करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रवक्ता ने इन दावों को "पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत" बताया है।
बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण ही उनसे मिलने जाते हैं। साथ ही, मीडिया से यह भी आग्रह किया गया कि वे ऐसी बातों की रिपोर्ट करने या उन्हें आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच-पड़ताल करें और पूरी सावधानी बरतें।
वहीं, इस बयान के जरिए कोहली की टीम ने संबंधित दावों को लेकर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। यानी इन दावों को विराट कोहली की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
बता दें कि बीते 25 सितंबर को संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की रहस्यमयी मौत के बाद हर गुजरते दिन नए-नए दावे सामने आए, जिसमें से संतों द्वारा एक दावा यह भी किया था कि एक बिल्डर लॉबी और भू-माफिया सिंडिकेट ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम का नाम इस्तेमाल कर पीआर और वसूली का खेल रचा। जिसके तहत पहली बार विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये देकर आश्रम लाया गया था।