लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से Samsung स्मार्टफोन्स से भरा ट्रक चोरी, 91 करोड़ रुपये की बताई जा रही लूट

लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के पास एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जहां Samsung के करीब 12,000 नए स्मार्टफोन्स, जिनमें Galaxy Z Fold 7, Galaxy Z Flip 7 और Galaxy S25 सीरीज शामिल हैं, से भरे ट्रक चोरी हो गए। ये फोन 9 जुलाई को ग्लोबल लॉन्च के बाद एक गोदाम में ले जाए जा रहे थे।

अपडेटेड Aug 05, 2025 पर 8:51 AM
लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से Samsung स्मार्टफोन्स से भरा ट्रक चोरी

लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के पास एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जहां Samsung के करीब 12,000 नए स्मार्टफोन्स, जिनमें Galaxy Z Fold 7, Galaxy Z Flip 7 और Galaxy S25 सीरीज शामिल हैं, से भरे ट्रक चोरी हो गए। ये फोन 9 जुलाई को ग्लोबल लॉन्च के बाद एक गोदाम में ले जाए जा रहे थे। तभी रास्ते में ट्रक को निशाना बनाया गया। चोरी हुए फोन्स की कीमत करीब 91 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बता दें कि यह घटना यूके की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स चोरी में से एक मानी जा रही है।

Yonhap News TV की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चोरी उस वक्त हुई जब Samsung के स्मार्टफोन से भरा हुआ ट्रक एयरपोर्ट से वेयरहाउस की ओर जा रहा था। इस ट्रक में 5,000 यूनिट Galaxy Z Fold 7, 5,000 यूनिट Galaxy Z Flip 7 और 5,000 यूनिट Galaxy Watch 8 की थी। इसके साथ ही ट्रक में सैमसंग के Galaxy S25 सीरीज और Samsung Galaxy A16 स्मार्टफोन भी शामिल थे।

चूंकि इन डिवाइसेज की कीमत काफी ज्यादा है, जैसे- Z Flip 7 की कीमत 1.12 लाख रुपये और Z Fold 7 की कीमत 1.92 लाख रुपये है, इसलिए यह शिपमेंट चोरों के लिए एक बड़ा टारगेट बन गया था।


पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं

हीथ्रो एयरपोर्ट एक बड़ा लॉजिस्टिक्स सेंटर होने के कारण पहले भी इस तरह की कई घटनाएं झेल चुका है। यूके पुलिस का कहना है कि चोरी हुए लगभग 75% स्मार्टफोन को 72 घंटे के भीतर देश से बाहर तस्करी कर दिया जाता है, जिससे उन्हें वापस लाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

इस साल की शुरुआत में, हीथ्रो एयरपोर्ट के पास एक अलग मामले में लगभग 1,000 चोरी हुए स्मार्टफोन बरामद किए गए थे, जिससे कार्गो ट्रांजिट के दौरान सुरक्षा खामियों को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

Samsung ने कोई बयान जारी नहीं किया

Samsung ने इस चोरी पर अभी तक कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, ग्राहकों से आग्रह किया गया है कि वे अनऑफिशियल या संदिग्ध सोर्स से डिवाइस न खरीदें और खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर चेक करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फोन ब्लैकलिस्टेड न हो।

गौरतलब है कि ऐसी चोरी में शामिल फोन्स अक्सर ग्रे मार्केट में दोबारा बेचे जाते हैं, लेकिन ये डिवाइस न तो वारंटी के लिए योग्य होते हैं और न ही इन्हें कंपनी की ओर से कोई सपोर्ट मिलता है।

यह पहला मामला नहीं

बता दें कि इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन चोरी होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले साल 2020 में Samsung Galaxy स्मार्टफोन के पार्ट्स भारत में चोरी हो चुके हैं। जिसकी कीमत 3.30 लाख डॉलर थी। नोएडा पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

अगर एक और बड़ी चोरी की बात करें तो 2023 में अमेरिका में फिल्मी अंदाज में Apple स्टोर से चोरी की गई थी। इस घटना में चोरों ने पास की एक कॉफी शॉप के बाथरूम से Apple स्टोर तक सुरंग (टनल) खोद ली थी। इस टनल के जरिए उन्होंने 436 iPhones चुराए, जिनकी कुल कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई।

यह भी पढ़ें : Vivo V60 5G भारत में जल्द होगा लॉन्च, 6500mAh की बैटरी के साथ मिलेंगे दमदार फीचर्स

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।