YouTube Banned: आजकल सोशल मीडिया का ट्रेंड बच्चों और युवाओं में कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। Facebook, Instagram, TikTok पर बच्चे कई घंटों तक रिल स्क्रॉल करते रहते हैं। ऐसे में उनकों न ही अपनी हेल्थ की टेंशन होती है और न ही अपने कैरियर की। इसी को देखते हुए कई देशों ने सोशल मीडिया के कई प्लटफॉर्म जैसे TikTok और Facebook को बच्चों के लिए बैन कर दिया गया है। अब इस लिस्ट में YouTube भी शामिल हो गया है। जी हां, ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए YouTube के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इससे पहले और भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok, Facebook, Instagram, X और Snapchat पर 16 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए सरकार पहले ही बैन लगा चुकी है।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया सरकार इस साल के अंत तक करीब 10 लाख बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन लगाने वाली है। इसके लिए सरकार ने पिछले साल नवंबर में नए ऑनलाइन सुरक्षा संशोधन (सोशल मीडिया न्यूनतम आयु) विधेयक 2024 को पेश किया था। इस कानून के तहत बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने की घोषणा हुई थी। इसमें कहा गया था कि बच्चों को प्लेटफॉर्म का एक्सेस करने से रोकने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों पर है कि वे किस तरह 16 साल से कम आयु वाले बच्चों को सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने या उसे एक्सेस करने से रोक सकती है। अगर सोशल मीडिया कंपनियां ये काम करने में असफल होती हैं तो उन पर 5 करोड़ डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
YouTube का ऐसे नहीं कर पाएंगे यूज
BCC की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 साल से कम उम्र के बच्चे YouTube पर वीडियो देख तो सकेंगे, लेकिन अपना खुद का अकाउंट नहीं बना पाएंगे। इसका मतलब है कि वे कोई भी वीडियो अपलोड नहीं कर पाएंगे, कमेंट नहीं कर सकेंगे, और किसी से बातचीत भी नहीं कर सकेंगे। रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि बैन के तहत सोशल मीडिया पर बने मौजूदा अकाउंट को डिएक्टिवेट करना होगा और नए अकाउंट को बनाने से रोकना होगा। इसके अलावा, ऐसे सभी ऑप्शन बंद करने होंगे जिससे बच्चे दोबारा एक्टिव हो सकें।
रॉयटर्स ने बताया कि, अभी सरकार आयु-जांच प्रोडक्ट्स की टेस्टिंग पर एक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सरकार का कहना है कि ये यह रिपोर्ट तय करेगी कि सोशल मीडिया बैन को कैसे और कब लागू किया जाए।
हालांकि, ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस फैसले का भारत समेत अन्य देशों में कब और कितना असर देखने को मिलेगा इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया सरकार की तरफ से बच्चों के लिए उठाया गया यह कदम अच्छा साबित हो सकता है।
YouTube के प्रवक्ता ने दिया बयान
इस बैन के बाद YouTube के प्रवक्ता ने कहा कि उनका प्लेटफॉर्म वीडियो शेयर और देखने के लिए है। कंपनी ने कहा कि YouTube को आम सोशल मीडिया की तरह नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि इसमें चैट या पोस्टिंग जैसे सीमित सोशल इंटरैक्शन होते हैं। प्रवक्ता ने कहा, YouTube एक वीडियो लाइब्रेरी है जिसे लोग टीवी जैसे गैजेट्स पर भी देख सकते हैं।