eSim Fraud: आज के समय में बढ़ती तकनीक जीतना लोगों के फायदेमंद साबित हो रही है, उतना ही इसका दुरुपयोग भी बढ़ते जा रहा है। दरअसल, भारत सरकार की ईकाई इंडियन साइबरक्राइम कोओर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने यूजर्स को फर्जी ई-सिम कार्ड के नाम पर होने वाले स्कैम के लिए चेतावनी जारी की है। यह साइब फ्रॉड इतना खतरनाक है कि इसमें ठग बिना OTP या ATM डिटेल्स डाले ही पीड़ित के बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा सकते हैं।
हाल ही में इसी तकनीक का इस्तेमाल कर स्कैमर्स द्वारा एक व्यक्ति के अकाउंट से 4 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस तरह के स्कैम करने के लिए साइबर क्रिमिनल्स यूजर्स के फोन नंबर को टारगेट करते हैं ताकि OTP का एक्सेस मिल सके। बैंक द्वारा ग्राहकों को भेजे जाने वाले OTP का एक्सेस मिलते ही स्कैमर्स उनके अकाउंट में सेंध लगा लेते हैं।
I4C के बताया कि स्कैमर्स पहले किसी यूज़र को फोन करके एक नकली eSIM एक्टिवेशन लिंक भेजते हैं। जैसे ही यूजर्स उस लिंक पर क्लिक करते हैं, उनका फिजिकल सिम अपने आप eSIM में बदल जाता है। इससे फोन का ओरिजिनल सिम काम करना बंद कर देता है और नेटवर्क सिग्नल गायब हो जाता है।
खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
बता दें कि यह अलर्ट ऐसे समय पर आया है जब कुछ हफ्ते पहले ही दूरसंचार विभाग (DoT) के फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) ने 3 से 4 लाख सिम कार्ड ब्लैकलिस्ट किए थे। ये सिम कार्ड धोखाधड़ी से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि FRI के AI-सक्षम टूल्स हर दिन करीब 2,000 हाई-रिस्क फोन नंबर को चिन्हित करते हैं। इन ब्लैकलिस्टेड नंबरों का उपयोग इन्वेस्टमेंट और जॉब से जुड़े स्कैम्स में किया जा रहा था।
जनवरी 2020 में गृह मंत्रालय के द्वारा शुरू किए गए 14C पोर्टल का उद्देश्य साइबर अपराधों पर लगाम लगाना है। डिजिटल ट्रांजैक्शन और स्मार्टफोन यूजर्स की बढ़ती संख्या के साथ साइबर फ्रॉड के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसी कारण सरकार ने अब नए eSIM घोटाले को लेकर चेतावनी जारी की है।