आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण इंटरनेट पर असली और नकली प्रोफाइल की पहचान करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी को देखते हुए मेटा ने 'फेसबुक वेरिफाइड' नाम का नया फीचर शुरू किया है। ये नया फीचर लोगों को फेसबुक पर असली यूजर्स और AI से बनाए गए या फर्जी अकाउंट्स के बीच फर्क समझने में मदद करेगी। जानकारी के मुताबिक, इस नए फीचर की कोई भी फीस नहीं होगी, यूजर्स के लिए ये बिल्कुल फ्री होगी।
सोशल मीडिया पर AI कटेंट की बाढ़
यह फीचर ऐसे समय में आया है, जब सोशल मीडिया पर AI से तैयार किए गए फोटो, वीडियो और कंटेंट की संख्या तेजी से बढ़ रही है। AI इन्फ्लुएंसर्स, वर्चुअल पर्सनैलिटी और पूरी तरह AI से चलने वाले कंटेंट चैनल लाखों लोगों तक पहुंच रहे हैं। इन पर बड़ी संख्या में व्यूज और लाइक्स भी मिल रहे हैं, वहीं कुछ अकाउंट्स इससे अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। हालांकि AI ने नए तरीके से कंटेंट बनाने के कई मौके दिए हैं, लेकिन इसके साथ कुछ बड़ी चुनौतियां भी सामने आई हैं। फर्जी पहचान बनाना, लोगों के नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल करना, ऑनलाइन ठगी करना और गलत जानकारी फैलाना जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में मेटा का नया 'फेसबुक वेरिफाइड' फीचर लोगों को भरोसेमंद प्रोफाइल पहचानने में मदद करेगा।
जानें क्या है ये नया फीचर 'मेटा वेरिफाइड'
AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मेटा का यह कदम सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब सिर्फ आपत्तिजनक कंटेंट पर नजर रखना ही नहीं, बल्कि यूजर्स की असली पहचान की पुष्टि करना भी उतना ही जरूरी होता जा रहा है। मेटा की पहले से मौजूद 'मेटा वेरिफाइड' फीचर के लिए पैसे देने पड़ते हैं, लेकिन नया 'फेसबुक वेरिफाइड' फीचर पूरी तरह मुफ्त है। इसमें यूजर को एक छोटा-सा सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करना होगा। इसके बाद सिस्टम उस वीडियो का मिलान प्रोफाइल फोटो से करेगा। 18 साल या उससे अधिक उम्र के ऐसे यूजर्स, जो मेटा के नियमों का पालन करते हैं और जिनके अकाउंट पर किसी तरह की फर्जी गतिविधि के संकेत नहीं हैं, उन्हें जांच पूरी होने के बाद वेरिफिकेशन बैज दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह प्रक्रिया आमतौर पर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।
शुरुआत में यह वेरिफिकेशन बैज फेसबुक मार्केटप्लेस, डेटिंग, ग्रुप्स और यूजर प्रोफाइल जैसे उन फीचर्स पर दिखाई देगा, जहां भरोसे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। बाद में इसे फेसबुक की सामान्य पोस्ट (फीड) पर भी दिखाया जाएगा। फिलहाल मेटा इस फीचर को कुछ चुनिंदा देशों में चरणबद्ध तरीके से शुरू कर रही है। सफल परीक्षण के बाद इसे दुनिया के अन्य देशों में भी लॉन्च किया जाएगा।
मेटा के सामने ये है बड़ी चुनौती
मेटा का कहना है कि 'फेसबुक वेरिफाइड' बैज इस बात का संकेत होगा कि संबंधित प्रोफाइल किसी असली व्यक्ति की है और उसने पहचान की जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ किया है कि वेरिफिकेशन बैज का मतलब यह नहीं है कि उस व्यक्ति के विचार, व्यवहार या गतिविधियों की मेटा तरफ से पुष्टि या समर्थन किया गया है। ऐसे सभी वेरिफाइड अकाउंट्स पर भी फेसबुक के कम्युनिटी नियम और अन्य सभी नीतियां पहले की तरह लागू रहेंगी। मेटा की यह घोषणा सोशल मीडिया के सामने खड़ी एक बड़ी चुनौती को भी दिखाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अब असली जैसे दिखने वाले प्रोफाइल, फोटो, वीडियो और बातचीत आसानी से तैयार की जा रही हैं। ऐसे में लोगों के लिए यह पहचानना मुश्किल होता जा रहा है कि वे किसी असली व्यक्ति से बात कर रहे हैं या फिर AI से बनाए गए अकाउंट से। मेटा का मानना है कि नया 'फेसबुक वेरिफाइड' फीचर इस समस्या को कम करने में मदद करेगा।