CERT-In Warning: माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स का हैक हो सकता है डाटा, सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी चेतावनी, जल्द करें ये काम

CERT-In Warning: देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है। CERT-In द्वारा जारी इस अलर्ट के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसी कमियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपकी जानकारी चुरा सकते हैं।

अपडेटेड Aug 21, 2025 पर 1:54 PM
माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स का हैक हो सकता है डाटा, सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी चेतावनी, जल्द करें ये काम

CERT-In Warning: माइक्रोसॉफ्ट विंडोज और ऑफिस के यूजर्स के लिए बड़ी और जरूरी खबर है। देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है। CERT-In द्वारा जारी इस अलर्ट के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसी कमियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपके कंप्यूटर को रिमोटली एक्सेस कर सकते हैं, आपकी जानकारी चुरा सकते हैं।  यहां तक कि आपके सिस्टम पर पूरा कंट्रोल भी हासिल कर सकते हैं। सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि यह खामी माइक्रोसॉफ्ट के कई लोकप्रिय सॉफ्टवेयर जैसे Windows, Office, Dynamics, Browser, Device, Developer Tools, SQL Server, System Center, Azure और पुराने (Legacy) प्रोडक्ट्स को प्रभावित कर रही है।

हैकर्स खामियों का कैसे उठा सकते हैं फायदा?

CERT-In के अनुसार, इन सिक्योरिटी बग्स का इस्तेमाल कर हैकर्स सिस्टम पर रिमोट कोड एक्सिक्यूशन कर सकते हैं। इसके साथ ही वे सिक्योरिटी फीचर्स को बायपास कर यूजर्स के संवेदनशील डेटा तक पहुंच सकते हैं। साथ ही सिस्टम सेटिंग्स से छेड़छाड़ कर सकते हैं, स्पूफिंग अटैक कर सकते हैं और यहां तक कि डिनायल ऑफ सर्विस जैसी स्थिति भी पैदा कर सकते हैं।


इसके अलावा, इन सभी कमियों से सिस्टम हैकिंग, रैनसमवेयर हमले, डेटा चोरी, सिस्टम क्रैश की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

Windows 10 का सपोर्ट जल्द होगा खत्म

Microsoft जल्द ही Windows 10 को सपोर्ट देना बंद करने वाला है, और मौजूदा Windows 11 भी इस खतरे की लिस्ट में शामिल हैं। इसका मतलब है कि लाखों कंप्यूटर और सर्वर हैकिंग की जद में आ सकते हैं। कंपनियों के लिए यह रिस्क और भी बड़ा है, क्योंकि किसी भी तरह की सेंधमारी उन्हें रैनसमवेयर अटैक और डेटा चोरी का शिकार बना सकती है। वहीं, आम यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।

माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर्स से की अपील

माइक्रोसॉफ्ट ने इस मामले को लेकर यूजर्स से अपील की है कि वे अपने सभी प्रोडक्ट्स को तुरंत नए सिक्योरिटी अपडेट्स के साथ अपडेट करें, ताकि संभावित खतरों से बचा जा सके। इसी के साथ ही CERT-In ने आईटी एडमिनिस्ट्रेटर्स और सिक्योरिटी टीमों को सलाह दी है कि वे एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस केवल जरूरी अकाउंट्स तक सीमित रखें, मजबूत ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें, नियमित रूप से बैकअप तैयार करें और नेटवर्क व डिवाइस की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखें।

इसी के साथ ही CERT-In ने Google Chrome डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भी चेतावनी जारी की, जिसमें कहा गया है कि इस खामी का फायदा उठाकर हैकर्स किसी भी सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं, मतलब उसे हैक कर सकते हैं। यह खतरा उन सभी व्यक्तियों और कंपनियों पर लागू होगा, जो क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन का उपयोग कर रहे हैं।

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