Online Gaming Bill 2025: भारत में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का जाल लगातार फैलता जा रहा है। खासकर युवाओं और बच्चों में इसकी लत तेजी से बढ़ रही है, जो न सिर्फ उनकी जेब खाली कर रही है बल्कि मानसिक तनाव भी दे रही है। इसी खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश किया है, जिसमें इन ऐप्स के जरिए होने वाले मनी ट्रांजैक्शन पर रोक लगाने का प्रावधान है। लेकिन सरकार के इस कदम पर अब Shark Tank India और Shaadi.com के फाउंडर अनुपम मित्तल ने तंज कस दिया है। उनका बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
ऑनलाइन गेमिंग बिल पर बोले अनुपम मित्तल
अनुपम मित्तल ने अपने लिंक्डइन पर पोस्ट करते हुए ऑनलाइन गेमिंग बिल पर बात की और लिखा कि हमने गुटखा बैन कर दिया लेकिन क्या लोगों ने इसे चबाना बंद कर दिया। अपने पोस्ट में अनुपम मित्तल ने ऑनलाइन गेमिंग बिल की आलोचना कि और आगे लिखा कि भारत ने रियल मनी गेमिंग को बंद कर दिया। ऐसे में भारत ने उस सेक्टर को बंद कर दिया हैं, जो सालाना 27000 करोड़ रुपये का जीएसटी देता है। 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का विज्ञापन राजस्व देता है और हजारों लोगों को उनकी स्किल्स के जरिए इनकम देता है।
अपने पोस्ट में अनुपम मित्तल ने सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि क्या हम शराब पर इसलिए बैन लगाते हैं क्योंकि कुछ लोग शराबी हो जाते हैं? क्या शेयर ट्रेडिंग पर इसलिए रोक लगाई जाती है क्योंकि कुछ लोग अपनी बचत गंवा देते हैं?
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग बिल से सरकार को ही बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि इससे राजस्व में करोड़ों की कमी आ सकती है। हालांकि, मित्तल ने यह भी माना कि गेमिंग ऐप्स के कारण कई लोगों को आर्थिक और मानसिक हानि होती है, लेकिन इसे पूरी तरह बैन करना सही फैसला नहीं है।