केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी का किया शुभारंभ, अब चिट्ठी-पार्सल की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी आसान
Advanced Postal Technology: अब डाकघर की सेवाएं और तेज होंगी। इंडिया पोस्ट ने देशभर में 5,800 करोड़ की एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT) की शुरुआत की है। इस नई तकनीक से पार्सल और चिट्ठी की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। साथ ही इंडिया पोस्ट को विश्वस्तरीय सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में बदल देगी।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी का किया शुभारंभ
Advanced Postal Technology: अब डाकघर की सेवाएं और तेज होंगी। इंडिया पोस्ट ने देशभर में 5,800 करोड़ की एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT) की शुरुआत की है। इस नई तकनीक से पार्सल और चिट्ठी की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। साथ ही इंडिया पोस्ट को विश्वस्तरीय सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में बदल देगी। इससे लोग किसी भी बैंक से यूपीआई पेमेंट कर सकेंगे। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया के जरिए इसे देश की डिजिटल यात्रा में एक “ऐतिहासिक छलांग” बताया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को X पर पर लिखा, भारतीय डाक की ओर से एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ करते हुए बेहद प्रसन्न हूं। यह भारत की डिजिटल यात्रा में ऐतिहासिक कदम है। 5,800 करोड़ रुपये के निवेश से APT, इंडिया पोस्ट को विश्वस्तरीय सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में बदल देगा।
सिंधिया ने आगे लिखा, APT पूरी तरह स्वदेशी प्लेटफॉर्म है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया की सोच से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि इस नई तकनीक से रियल-टाइम निर्णय लेना आसान होगा, ई-कॉमर्स की पहुंच बढ़ेगी, ऑटोमेशन से परिचालन लागत घटेगी और नागरिकों को कहीं भी-कभी भी सेवाएं मिल सकेंगी।
नई सुविधाएं पेश की गईं
यह प्लेटफॉर्म हर चरण पर एसएमएस अपडेट के साथ, संपूर्ण माल ट्रैकिंग प्रदान करता है। यह किसी भी बैंक से यूपीआई भुगतान की सुविधा देता है, जिससे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खातों पर पहले से लागू प्रतिबंध हट जाता है। सेवाओं में डिलीवरी के लिए 10 अंकों का डिजी पिन, डाकियों के लिए जीपीएस-सक्षम ट्रैकिंग, और क्यूआर-कोड और ओटीपी-आधारित भुगतान विकल्प भी शामिल हैं।
भारतीय डाक परिचालन क्षमता
बता दें कि इंडिया पोस्ट, दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क चलाता है, जिसके पास 1.65 लाख से ज्यादा पोस्ट ऑफिस हैं। APT को केंद्र सरकार के मेघराज 2.0 क्लाउड पर होस्ट किया गया है और इसकी कनेक्टिविटी BSNL ने सुनिश्चित की है। डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सिस्टम पहले ही अपनी मजबूती दिखा चुका है और एक ही दिन में 32 लाख बुकिंग और 37 लाख डिलीवरी सफलतापूर्वक संभाली हैं।
प्रोजेक्ट का रोलआउट किया गया
इस प्रोजेक्ट का रोलआउट चरणबद्ध तरीके से किया गया है। सबसे पहले 15 मई 2025 को कर्नाटक सर्कल में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ, जिसके बाद जून के अंत तक 10,000 से अधिक पोस्ट ऑफिस जुड़ गए। जुलाई की शुरुआत तक 15,770 ऑफिस, जुलाई के अंत तक 86,000 से ज्यादा ऑफिस और आखिरकार 4 अगस्त तक देशभर के 1,70,353 पोस्ट ऑफिस, मेल ऑफिस और प्रशासनिक ऑफिस APT सिस्टम पर लाइव हो गए।
4.6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित
तकनीकी बदलाव को सफल बनाने के लिए, इंडिया पोस्ट ने “ट्रेन - रिट्रेन - रिफ्रेश” सिद्धांत पर 4.6 लाख से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। मास्टर ट्रेनर्स, यूजर चैंपियंस और एंड-यूजर्स की कैस्केड पद्धति से प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया, जिससे पूरे देश में नई सेवाएं शुरू हुईं।
एपीटी, पहले की IT मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट 1.0 का अगला चरण है, जिसमें कोर बैंकिंग, कोर इंश्योरेंस और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं शुरू की गई थीं। यह नई पहल, लॉजिस्टिक्स और ग्राहक सेवाओं को एक एकीकृत प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करके इन प्रयासों का विस्तार करती है।
क्या हैएडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT)?
एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT) प्लेटफॉर्म को भारत में ही सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन पोस्टल टेक्नोलॉजी (CEPT) ने विकसित किया है। यह मेघराज 2.0 सरकारी क्लाउड पर आधारित है और बीएसएनएल की मजबूत राष्ट्रीय कनेक्टिविटी से संचालित है। आईटी मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट 1.0 की सफलता पर आधारित यह नया प्लेटफॉर्म माइक्रोसर्विस-आधारित आर्किटेक्चर पर तैयार किया गया है, जो तेज़, भरोसेमंद और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराता है।
एपीटी की प्रमुख विशेषताओं में एकीकृत यूजर इंटरफेस, बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक डिजिटल समाधान, क्यूआर कोड आधारित भुगतान, ओटीपी आधारित डिलीवरी और सटीकता बढ़ाने के लिए 10 अंकों का अल्फान्यूमेरिक डिजीपिन शामिल है। साथ ही यह क्लाउड-रेडी है, ग्रामीण क्षेत्रों में भी भरोसेमंद कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है और उन्नत रिपोर्टिंग व एनालिटिक्स की सुविधा देता है।