बच्चों की सेफ्टी पर बड़ा कदम, OpenAI लाएगा ChatGPT का टीनेज वर्जन

OpenAI ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे पेरेंट्स की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी। कंपनी अब 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए ChatGPT का एक नया वर्जन लाएगी। बता दें कि ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब नए रिसर्च और एक केस ने टीनएजर्स की मानसिक सेहत पर AI के असर को लेकर सवाल उठाए हैं।

अपडेटेड Sep 17, 2025 पर 10:48 AM
बच्चों की सेफ्टी पर बड़ा कदम, OpenAI लाएगा ChatGPT का टीनेज वर्जन

आज के इस दौर में बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़े तक AI की ओर आकर्षित होने लगे हैं। लोगों द्वारा ChatGPT का खूब इस्तेमाल किया जाने लगा है। सिर्फ बड़ी कंपनियों में किसी प्रोजेक्ट के लिए ही नहीं, बल्कि स्कूल-कॉलेज के बच्चे भी इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब OpenAI ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे पेरेंट्स की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी। कंपनी का कहना है कि वह अब 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए ChatGPT का एक नया वर्जन लाने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि ये ऐलान ऐसे समय हुआ है जब नए रिसर्च और एक केस ने टीनएजर्स की मानसिक सेहत पर AI के असर को लेकर सवाल उठाए हैं।

दरअसल, अप्रैल में 16 साल के Adam Raine की आत्महत्या के बाद उसके पैरेंट्स ने अगस्त में OpenAI पर केस किया था। आरोप लगाया गया कि ChatGPT ने Raine को मौत की योजना बनाने में 'कोच' की तरह मदद की। केस के मुताबिक, चैटबॉट ने उसे बताया कि कई लोग जो एंग्जायटी और निगेटिव थॉट्स से जूझते हैं, वे 'एस्केप हैच' जैसी कल्पना कर सुकून पाते हैं क्योंकि इससे उन्हें कंट्रोल वापस मिलने का अहसास होता है।

इस पर चिंता जताते हुए OpenAI ने कई नए अपडेट्स का ऐलान किया है। इसमें सुसाइड-रिलेटेड बातचीत के लिए बेहतर सेफगार्ड्स, नए पेरेंटल कंट्रोल्स और लंबे समय तक चलने वाली चैट को संभालने के लिए नए सिस्टम शामिल हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि अगर उसका टूल किसी यूजर की उम्र पक्के तौर पर नहीं जान पाता, तो वह अपने-आप अंडर-18 वर्जन ही चालू कर देगा।


ChatGPT का नया टीनेज वर्जन कैसे काम करेगा?

इस नए वर्जन के तहत पैरेंट्स को ज्यादा कंट्रोल दिए गए हैं। अब वे अपने अकाउंट को बच्चों के अकाउंट से लिंक कर पाएंगे। इससे वे चैटबॉट के इंटरैक्शन को ऐज-एप्रोप्रियेट रूल्स के हिसाब से मैनेज कर सकेंगे।

पैरेंट्स चाहें तो मेमोरी और चैट हिस्ट्री को ऑन/ऑफ कर पाएंगे और अगर सिस्टम को लगे कि बच्चा किसी 'गंभीर परेशानी' में है तो अलर्ट भी मिल सकेगा। इसके अलावा, एक नया ऑप्शन पैरेंट्स को 'ब्लैकआउट ऑवर्स' सेट करने की सुविधा देगा, इस दौरान बच्चे ChatGPT का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

OpenAI की तरफ से हमेशा कहा गया है कि ChatGPT सिर्फ 13 साल या उससे ऊपर के लोग ही इस्तेमाल कर सकते हैं। अब जो लेटेस्ट अपडेट आया है, वह ऐसे समय पर आया है जब वॉशिंगटन DC में सीनेट की एक सुनवाई चल रही है। इस सुनवाई में यह चर्चा हो रही है कि टीनएजर्स के लिए AI चैटबॉट्स कितने सुरक्षित हैं और उनसे क्या खतरे हो सकते हैं। इसमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के सेनेटर शामिल हैं, जिनमें Josh Hawley भी मौजूद हैं।

इसी दौरान, FTC ने भी चैटबॉट सेफ्टी पर जांच शुरू की है और OpenAI, Meta, Google, xAI, Snap और Character.AI से जानकारी मांगी है।

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