सोशल मीडिया के जमाने में लोगों को WhatsApp पर डिजिटल इनविटेशन भेजने का चलन बढ़ गया है। अक्सर लोग अपने घर में होने वाली किसी भी पार्टी या फिर शादी में WhatsApp पर डिजिटल इनविटेशन भेजते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अब साइबर ठग इसका फायदा उठा रहे हैं। ठग शादी या किसी कार्यक्रम के इनविटेशन के नाम पर फाइल या ऐप भेज रहे हैं। इसे खोलने या इंस्टॉल करने से फोन और निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। गुजरात में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों के लाखों रुपये ठग लिए गए। इसलिए WhatsApp पर आने वाले अनजान इनविटेशन या फाइल को बिना जांचे खोलने से बचना जरूरी है। जानें इसके बारे में पूरी डिटेल्स और कैसे बचे इन मामलों से
गुजरात में इन लोगों के साथ हुई ठगी
अहमदाबाद और आसपास के इलाकों में WhatsApp पर फर्जी शादी के कार्ड भेजकर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। कलोल में एक 50 वर्षीय अनाज कारोबारी को एक फाइल भेजी गई थी, जिसका नाम “इनविटेशन कार्ड, GB Instagram APK फाइल” था। फाइल खोलने के बाद उसका फोन साइबर ठगों के निशाने पर आ गया और बैंक खाते से दो बार में 6.18 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा सितंबर में निकोल इलाके के 44 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन को भी दोस्त के नंबर से ऐसा ही फर्जी इनविटेशन मिला, जिसे खोलने के बाद उसके खाते से 1.51 लाख रुपये चले गए। वहीं, अहमदाबाद के 74 वर्षीय व्यक्ति के खाते से भी संदिग्ध फाइल के जरिए कई UPI लेनदेन करके करीब 15.5 लाख रुपये निकाल लिए गए।
APK दरअसल Android फोन में ऐप इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। सामान्य फोटो या PDF की तरह इसे खोलने के बजाय APK इंस्टॉल करने पर फोन में एक नया ऐप आ जाता है। साइबर ठगी के इन मामलों में यही ऐप नुकसान पहुंचाने वाला होता है। इसे फोन में इंस्टॉल करने के बाद ठग आपके OTP मैसेज पढ़ सकते हैं, फोन की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। यूजर की जानकारी के बिना बैंक से लेनदेन भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कुछ खतरनाक ऐप फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को भी अपने आप वही फर्जी फाइल भेज देते हैं। इसी वजह से कई बार यह मैसेज किसी जानने वाले दोस्त या रिश्तेदार के नंबर से आया हुआ दिखाई देता है।
गलती से इंस्टॉल होने पर क्या करें
अगर आपने गलती से ऐसी कोई संदिग्ध फाइल खोल या इंस्टॉल कर ली है, तो सबसे पहले अपने फोन का मोबाइल डेटा और Wi-Fi बंद कर दें। इसके बाद तुरंत बैंक से संपर्क करके अपने बैंक खाते, कार्ड और UPI को ब्लॉक करवाएं। ठगी की जानकारी 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करके दें। फोन में मौजूद संदिग्ध ऐप को हटाएं और जरूरत पड़ने पर फोन की जांच करवाएं या उसे रीसेट करें। साथ ही, किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से अपने बैंकिंग और ईमेल अकाउंट के पासवर्ड बदल दें, ताकि आपकी निजी जानकारी और पैसे सुरक्षित रह सकें।
कैसे करें नकली इनविटेशन की पहचान