WhatsApp में आ रहा है ये खास फीचर, अब बिना नंबर के होगी चैट

WhatsApp New Feature: अगर आप WhatsApp इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब जल्द ही आपको चैट करने के लिए सिर्फ मोबाइल नंबर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दरअसल, WhatsApp ने दुनियाभर के यूजर्स के लिए Username रिजर्व करने की सुविधा शुरू कर दी है।

अपडेटेड Jul 01, 2026 पर 3:30 PM
WhatsApp में आ रहा है ये खास फीचर

WhatsApp New Feature: अगर आप WhatsApp इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब जल्द ही आपको चैट करने के लिए सिर्फ मोबाइल नंबर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दरअसल, इस हफ्ते की शुरुआत में WhatsApp ने दुनियाभर के यूजर्स के लिए यूजरनेम (Username) रिजर्व करने की सुविधा शुरू कर दी है। हालांकि, यह फीचर अभी सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे इस साल के आखिर तक लॉन्च किया जाएगा।

यह फीचर पूरी तरह ऑप्शनल है, लेकिन Meta की इस मैसेजिंग ऐप के लिए यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि अब तक ऐप पर पहचान सिर्फ मोबाइल नंबर के जरिए ही होती थी।

बता दें कि इस फीचर पर कई सालों से काम चल रहा था; Meta ने सबसे पहले अक्टूबर 2024 में यूजरनेम सपोर्ट जोड़ने की योजना का खुलासा किया था। पिछले साल नवंबर में, कंपनी ने डेवलपर्स और बिजनेस को बताया था कि इसे जून 2026 में लॉन्च किया जाएगा।


Signal और Telegram जैसे प्रतिस्पर्धी लंबे समय से यूजरनेम की सुविधा दे रहे हैं। लेकिन WhatsApp में यह फीचर आने के बाद कई यूजर्स ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि इससे फर्जी पहचान (इम्पर्सोनेशन) के मामले बढ़ सकते हैं और साइबर ठगों को लोगों से धोखाधड़ी करने का नया तरीका मिल सकता है। खासकर भारत में, जहां WhatsApp के करीब 85 करोड़ (850 मिलियन) यूजर्स हैं।

तो, ऐसे में सवाल उठता है कि WhatsApp का यूजरनेम फीचर कैसे काम करेगा? और फर्जी अकाउंट व ऑनलाइन ठगी जैसी समस्याओं से बचाने के लिए कंपनी ने क्या इंतजाम किए हैं? आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।

WhatsApp यूजरनेम क्या हैं?

WhatsApp यूजरनेम असल में फोन नंबर के ऊपर एक ऑप्शनल लेयर की तरह काम करते हैं। इसकी मदद से लोग एक यूनिक यूजरनेम बना सकते हैं, जिससे उन्हें दूसरों के साथ अपना फोन नंबर शेयर करने की जरूरत कम हो जाती है।

जब लोग चाहते हैं कि दूसरे उनसे WhatsApp पर संपर्क करें, तो वे अपने फोन नंबर के बजाय अपना यूजरनेम शेयर कर सकते हैं। यह तब काम आ सकता है जब आप किसी पार्टी, कॉन्फ्रेंस या ग्रुप चैट में किसी से मिलते हैं।

एक बार जब WhatsApp यूजरनेम लॉन्च कर देगा, तो जब आप किसी ऐसे व्यक्ति को मैसेज या कॉल करेंगे जिसके पास आपका नंबर पहले से सेव नहीं है, तो आपका फोन नंबर उन्हें दिखाई नहीं देगा।

हालांकि, WhatsApp अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अभी भी फोन नंबर की जरूरत होगी, और जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर है, वे उसी तरह आपसे संपर्क कर पाएंगे।

इसके अलावा, यूजर्स कभी भी अपना यूजरनेम बदल या डिलीट भी कर सकेंगे। अगर वे इसे डिलीट करते हैं, तो दूसरों को उनका फोन नंबर फिर से दिखाई देने लगेगा। लोगों के पास यूजरनेम को वापस पाने के लिए 14 दिन का समय होगा।

लोग WhatsApp पर यूजरनेम के जरिए दूसरों से कैसे संपर्क कर सकते हैं?

जब यह फीचर इस साल के अंत तक पूरी तरह लॉन्च हो जाएगा, तब यूजर्स WhatsApp में किसी व्यक्ति का यूजरनेम डालकर सीधे उससे चैट शुरू कर सकेंगे।

हालांकि, इसमें इसमें एक खास बात है। Instagram, Facebook या Telegram के उलट, WhatsApp पर यूजर्स किसी का हैंडल (नाम) टाइप करके उससे मिलते-जुलते अकाउंट्स की लिस्ट नहीं देख पाएंगे। ऐप में कोई सर्च करने लायक डायरेक्टरी या यूजर सजेशन भी नहीं मिलेंगे।

यानी, किसी से संपर्क करने के लिए लोगों को सही यूजरनेम पता होना जरूरी है। इसके अलावा, WhatsApp एक और सुरक्षा फीचर भी देगा जिसे “Username Key” कहा जा रहा है। इसके तहत, अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको पहली बार मैसेज करना चाहता है, तो उसे पहले यह की (key) डालनी होगी। इसके बिना वह आपको संदेश नहीं भेज पाएगा।

अनजान कॉन्टैक्ट्स की पहचान कैसे होगी?

WhatsApp यूजर्स को यूजरनेम, कॉन्टैक्ट के नाम (डिस्प्ले नेम) और फोन नंबर के बीच फर्क समझने में मदद करने के लिए हर यूजरनेम के आगे अपने-आप "@" सिंबल लगा देगा। साथ ही, ऐप पूरी तरह से नंबरों से बने यूजरनेम की भी इजाजत नहीं देगा।

WhatsApp के एक प्रवक्ता ने Moneycontrol को बताया कि जब यूजर्स को किसी अनजान कॉन्टैक्ट से पहली बार मैसेज मिलेगा, तो ऐप अतिरिक्त जानकारी के साथ एक डिटेल्स कार्ड दिखाएगा, जैसा कि आज भी सुरक्षा के लिए किया जाता है।

इस कार्ड पर यह जानकारी दिखेगी कि क्या अकाउंट नया बना है, क्या व्यक्ति किसी दूसरे देश से मैसेज कर रहा है, और क्या दोनों यूजर्स किसी कॉमन ग्रुप में हैं। इसके बाद यूजर्स उस व्यक्ति को कॉन्टैक्ट में जोड़ने, ब्लॉक करने या रिपोर्ट करने का विकल्प चुन सकते हैं।

इसके अलावा, WhatsApp की वेबसाइट यह भी बताती है कि व्यक्ति की पहचान वेरिफाई करने के लिए ऐप के जरिए वॉइस या वीडियो कॉल की जा सकती है।

अगर कोई व्यक्ति पहले से ही आपके कॉन्टैक्ट्स में सेव है, तो आपको उसका मोबाइल नंबर या यूजरनेम नहीं दिखेगा, बल्कि वही नाम दिखेगा जो आपने अपने फोन में सेव किया हुआ है।

WhatsApp यूजर्स यूज़रनेम कैसे बना सकते हैं?

यूजर्स WhatsApp की अकाउंट सेटिंग्स में जाकर 'यूजरनेम' विकल्प के जरिए यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं।

यूजर्स लैटिन अक्षरों, नंबरों, पीरियड (डॉट) और अंडरस्कोर का इस्तेमाल करके 3 से 35 कैरेक्टर लंबा यूजरनेम चुन सकते हैं। यूजरनेम में सिर्फ नंबर नहीं हो सकते और न ही उनमें प्रतिबंधित शब्द या वाक्यांश (Phrases) हो सकते हैं।

WhatsApp एक यूजरनेम जनरेटर भी देता है, जो यूजर्स को उपलब्ध और यूनिक यूजरनेम सुझाने में मदद करेगा।

WhatsApp फर्जी पहचान (impersonation) से कैसे निपटेगा?

प्रवक्ता ने कहा कि मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, सेलिब्रिटी और वेरिफाइड Meta अकाउंट्स के नामों को पहले से ही रिजर्व किया गया है, ताकि उन्हें केवल उनके असली मालिक ही इस्तेमाल कर सकें।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि कंपनी की तरफ से फर्जी पहचान से निपटने की कोशिशों के तहत, जाने-माने नामों से मिलते-जुलते कुछ नामों पर भी रोक लगाई गई है।

प्रवक्ता ने कहा, "हमारे ऑटोमेटेड सिस्टम ऐसी एक्टिविटी या अकाउंट्स का पता लगाकर उन्हें हटा देते हैं या बैन कर देते हैं, जिनमें फर्जी पहचान या गलत इस्तेमाल (abuse) के पैटर्न दिखते हैं। उदाहरण के लिए, हम यह तय करेंगे कि कोई अकाउंट यूजरनेम के जरिए कितने नए लोगों से संपर्क कर सकता है और किसी के यूजरनेम का अंदाजा लगाने की बार-बार की कोशिशों को ब्लॉक करेंगे।"

WhatsApp गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए यूजर्स के यूजरनेम बदलने की संख्या पर भी सीमा लगाता है। इसके अलावा, कंपनी का कहना है कि अगर उसे फर्जी पहचान या स्कैम का सबूत मिलता है, तो वह अकाउंट्स को बैन कर देगी या यूज़रनेम हटा देगी।

क्या Instagram या Facebook का यूजरनेम WhatsApp पर लिया जा सकता है?

Meta रिजर्वेशन के समय और उसके बाद कुछ समय के लिए मौजूदा Facebook और Instagram यूजरनेम को भी रिजर्व कर रहा है।

लोग वही यूजरनेम क्लेम कर सकते हैं जो वे Facebook या Instagram पर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्हें अपने WhatsApp अकाउंट को Meta अकाउंट्स सेंटर से लिंक करना होगा। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां Facebook, Instagram, Messenger और Threads जैसे ऐप्स की सेटिंग्स और सिक्योरिटी एक जगह मैनेज की जा सकती हैं।

अकाउंट्स को लिंक करने का मतलब यह है कि Meta अपने ऐप्स के बीच कुछ जानकारी का इस्तेमाल करके यूजर एक्सपीरियंस को पर्सनलाइज कर सकता है, जैसे कि ज्यादा relevant कंटेंट और विज्ञापन दिखाना।

हालांकि, कंपनी का कहना है कि WhatsApp पर पर्सनल मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगे और वह WhatsApp कॉन्टैक्ट लिस्ट को दूसरी Meta कंपनियों के साथ शेयर नहीं करती है।

अगर अलग-अलग लोग Facebook और Instagram पर एक ही यूजरनेम का इस्तेमाल करते हैं, तो WhatsApp पर वह यूजरनेम उसी को मिलेगा जो उसे सबसे पहले क्लेम करेगा।

वहीं, जो यूजर्स अपने अकाउंट्स को लिंक नहीं करना चाहते, वे WhatsApp के लिए अलग और यूनिक यूजरनेम भी चुन सकते हैं।

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