आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन ठगी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। डिजिटल दौर में निवेश के कई नए तरीके सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। व्हाट्सएप जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी की जा रही है। गुजरात के भुज से ठगी का एक नया मामला सामने आया है। भुज में रहने वाले अजितसिंह जडेजा ने व्हाट्सएप के जरिए स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट स्कैम में फंसकर 16 लाख रुपये से ज्यादा गंवा दिया है। पीड़ित अजितसिंह जडेजा ने इसकी शिकायत साइबर पुलिस में दर्ज कराई है। पीड़ित एक प्राइवेट फर्म में काम करते हैं।
जडेजा के मुताबिक, अनजान लोगों ने स्टॉक ट्रेडिंग और IPO इन्वेस्टमेंट के जरिए ज्यादा रिटर्न का वादा करके उन्हें ठगा है। ये मामला भारत में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के खतरे को साफ तौर पर दिखाता है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, "ये स्कैम 21 अप्रैल को शुरू हुई, जब जडेजा को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। उस ग्रुप ने खुद को एक प्रोफेशनल इन्वेस्टमेंट सलाह देने वाला फोरम बताया। भरोसा जीतने के लिए ग्रुप में रोजाना स्टॉक टिप्स और शेयर बाजार से जुड़ी बातें पोस्ट की जाती थीं। धीरे-धीरे लगातार मिल रही इस जानकारी की वजह से जडेजा को ग्रुप पर भरोसा हो गया, जो बाद में उनके लिए नुकसान का कारण बना। 4 जुलाई को जडेजा को एक और अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया। इस लिंक के जरिए उनसे एक ऑनलाइन फॉर्म भरने को कहा गया।
डिटेल्स सबमिट करने के बाद, उन्हें एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया,जो स्टॉक मार्केट और IPO में निवेश को आसान बनाने का दावा कर रहा था। ये फ्रॉड में टर्निंग पॉइंट था।
10 जुलाई से 21 अगस्त के बीच जडेजा ने ऐप और व्हाट्सएप पर मिले निर्देशों के अनुसार अलग-अलग बैंक खातों में कई किश्तों में 16 लाख रुपये से ज्यादा ट्रांसफर कर दिए। भरोसा बढ़ाने के लिए ठगों ने शुरुआत में उन्हें थोड़ा मुनाफा भी दिखाया। बताया जाता है कि उनकी पहली 5,000 रुपये की रकम के बदले 5,245 रुपये वापस मिले। इस छोटे से फायदे को देखकर जडेजा को सब सही लगा और उन्होंने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी।
फ्रॉड का मामला तब और साफ हो गया, जब ऐप में उनके वॉलेट में अचानक 18 लाख रुपये का लोन दिखने लगा, जिसे एक सफल IPO एलोकेशन के बाद दिया गया था। जब जडेजा ने ये रकम निकालने की कोशिश की, तो ट्रांजैक्शन फेल हो गया। इसके बाद ठगों ने उनसे और 9 लाख रुपये की मांग की और कहा कि पैसे जारी करने से पहले ये प्रोसेस का हिस्सा है। इसी वक्त जडेजा को समझ आ गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है।
इसके बाद जडेजा ने तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया और पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां इस ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाने और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान करने में लगी हुई हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स यूजर्स को अनचाहे इन्वेस्टमेंट ग्रुप्स, गारंटीड रिटर्न्स और ऐप-बेस्ड वॉलेट्स से सावधान रहने की सलाह देते हैं, जो फंड अनलॉक करने के लिए एक्स्ट्रा पेमेंट मांगते हैं। कोई भी भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मुनाफा निकालने के बदले पैसे नहीं मांगता। इसलिए अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी भी निवेश सलाह देने वाले की जानकारी खुद जांचें और अगर कुछ संदिग्ध लगे तो तुरंत इसकी रिपोर्ट करें।