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ट्रेन का सफर, पेट्स हमसफर! जानिए रेलवे की पेट पॉलिसी के वीआईपी नियम

छुट्टियों में पेट डॉग या कैट को घर पर अकेला छोड़ने की चिंता रहती है, लेकिन उन्हें अपने साथ ट्रिप पर ले जाना अब आसान हो सकता है। फ्लाइट की तुलना में ट्रेन का सफर किफायती और पेट्स के लिए अच्छा ऑप्शन है। भारतीय रेलवे के रेगुलेशन का पालन करते हुए सही कोच और बुकिंग प्रोसेस की जानकारी लेकर आप अपने पालतू जानवर को ट्रेन में साथ ले जा सकते हैं।

Roopali Sharmaअपडेटेड Sep 10, 2026 पर 3:14 PM
ट्रेन का सफर, पेट्स हमसफर! जानिए रेलवे की पेट पॉलिसी के वीआईपी नियम

 यदि आपका पेट आपके फैमिली मेंबर के जैसे हैं और कहीं घूमने जाने पर उसे अकेला छोड़ने का मन नहीं करता है, तो अगली ट्रिप में उसे घर पर छोड़ने के बजाय अपने साथ ले जाने का प्लान बना सकते हैं। डॉग या कैट के साथ सफर करना सुनने में थोड़ा मुश्किल जरूर लगता है, लेकिन ट्रेन में ट्रैवल के लिए भारतीय रेलवे ने पालतू जानवरों को साथ ले जाने की सुविधा दी है। सफर शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि पेट को किस कोच में ले जा सकते हैं और इसके लिए कौन-कौन से नियमों का पालन करना होता है।

पेट्स की बुकिंग के ऑप्शन

आप अपने डॉग या कैट को ट्रेन में साथ लेकर जाना चाहते हैं, तो रेलवे की ओर से दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला ऑप्शन फर्स्ट एसी (1AC) का पूरा कूपे या केबिन बुक करना है। इसमें आपका पेट आपके साथ ही सफर कर सकता है। 2-बर्थ वाला पूरा कूपे या 4-बर्थ वाला पूरा केबिन एक ही PNR पर बुक होना चाहिए। यह पेट के लिए बेस्ट ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि वह पूरी ट्रिप में आपके साथ रहता है। दूसरा ऑप्शन लगेज वैन में बने डॉग बॉक्स का है। आप 1AC में सफर नहीं कर रहे हैं, तो पेट को इसी खास हवादार बॉक्स में सफर करना पड़ता है।

सिर्फ इन ट्रेनों में बुकिंग की परमिशन

आप अपने पेट को किसी भी ट्रेन के किसी भी डिब्बे में नहीं ले जा सकते। AC 2-Tier, AC 3-Tier, 3AC Economy, Sleeper और General Coach के अंदर डॉग या कैट को ले जाना मना है। वहीं, वंदे भारत, शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस जैसी चेयर कार ट्रेनों में भी पेट्स को साथ ले जाने की फैसिलिटी नहीं होती, क्योंकि इनमें 1AC कूपे या डॉग बॉक्स नहीं होते है। राजधानी एक्सप्रेस में भी पेट को साथ रखने के लिए 1AC कूपे का ही ऑप्शन होता है, क्योंकि इनमें लगेज वैन में डॉग बॉक्स की सुविधा नहीं होती। इसलिए टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी ट्रेन में पेट्स के लिए कौन-सा ऑप्शन अवेलेबल है।

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