Destination Wedding : शादी...मतलब धूम धड़ाका, खाना-पीना और फैमिली-दोस्तों संग ढेर सारी मौज-मस्ती। बदलते जमाने के साथ देश में होने वाली शादियों के तरीके भी बदल गए हैं। संजय लीला भंसाली की फिल्मों के शानदार सेट हो या फिर करन जौहर की फिल्मों के तड़कते-भड़कते गाने...ये सारी चीजें बॉलीवुड के सिल्वर स्क्रीन से निकलकर भारत में होने वाली आम शादियों में पहुंच गए हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग ऐसा ही एक पैकेज है, जहां शादियां किसी फिल्म की तरह दिखती हैं और दूल्हा-दुल्हन, इस फिल्म के हीरो और हिरोइन।
देश में पिछले कुछ सालों में डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन काफी रहा है। डेस्टिनेशन वेडिंग, अब सेलेब्रिटी और बड़े घरानों से निकल कर आम लोगों के जिंदगी तक पहुंच गया है। भारत में अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए लोग वो हर चीज करना चाहते हैं, जो उन्होंने फिल्मों में देखी है।
देश में डेस्टिनेशन वेडिंग एक बार फिर चर्चा में है और इस बार इस तार को पीएम मोदी ने छेड़ा है। हाल ही में अपने उत्तराखंड दौरे पर पीएम मोदी ने कहा, देश के लोग विदेशों में जाकर शादियां न करें। अपने देश में ही करें। पीएम ने देश का पैसा देश में रखने की अपील की।
वैसे तो भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उदयपुर, गोवा, हैदराबाद, जयपुर, अंडमान और जोधपुर काफी मशहूर हैं। ये शहर अपनी खूबसूरती और शाही ठाठ से दुनियाभर के लोगों को अपनी ओर खींचती है। वहीं अब देश के छोटे शहर भी डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए काफी फेमस हो रहे हैं, जिनमें वाराणसी , मनाली , देहरादून जैसे शहरों के नाम शामिल है। वहीं योग नगरी ऋषिकेश भी शादियों के लिए एक फेमस डेस्टिनेशन बन चुका है। गंगा का किनारा, शांत वातावरण और खूबसूरत दृश्य के कारण शादियों के लिए ऋषिकेश, लोगों की पहली पसंद बना रहा है।
ऋषिकेश के MJ रिवर रिजॉर्ट के मैनेजर विकास तिवारी ने बताया कि, 'ऋषिकेश में कोविड के बाद डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन काफी बढ़ा है। 2020 से पहले लोग यहां घुमने के लिए आते थे पर अब लोग यहां शादियां करने आ रहे हैं। लोगों में डेस्टिनेशन वेडिंग के प्रति रूझान काफी बढ़ा है और शादियों की वजह से लोकल लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। आसपास के गांवों में भी काफी हद तक पलायन भी रूका है।'
पिछले कुछ सालों से इंडियन वेडिंग इंडस्ट्री में काफी ग्रोथ देखी जा रही है। शादियों से जुड़ा कारोबार अब देश की चौथी बड़ी इंडस्ट्री बन गई है। साल 2023 ये इंडस्ट्री 26% बढ़कर 4.74 लाख करोड़ रुपए की थी तो वहीं 2024 में ये 6 लाख करोड़ के आंकड़े को छू रही है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक इस साल पूरे सीजन में देश में 40 लाख से ज्यादा शादियां हो सकती है। और इससे करीब 6 लाख करोड़ रुपये का कारोबार भी हो सकता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि साल 2024 में देश में एक करोड़ की बजट वाली शादियों का आंकड़ा 50 हजार से भी ज्यादा था।
शादियों में लोग खर्च कहां-कहां करते हैं
भारतीय शादियां बहुत भव्य और रंगीन होती हैं। यहां हर रस्म पर दिल खोल कर खर्च किया जाता है। शादियों के सीजन में सबसे ज्यादा फायदा ज्वेलरी मार्केट को होता है। देश में शादियों पर होने वाले कुल खर्च का करीब 15 प्रतिशत खर्च लोग ज्वेलरी के उपर करते हैं। वहीं गहनों के बाद शादियों में सबसे ज्यादा खर्च कपड़ों पर होता है। देश में शादियों पर होने वाले कुल खर्च का करीब 10 प्रतिशत खर्च लोग कपड़ों पर लोग करते हैं। इसमें दुल्हन के लहंगों से लेकर उनके घरवालों के कपड़ों तक शामिल हैं। वहीं शादियों में पांच प्रतिशत खानों पर खर्च होता है तो 4 प्रतिशत गिफ्ट आइटम पर खर्च होता है। वहीं सर्विस सेक्टर की बात करें, जिसमें टेंट से लेकर स्टेज डेकोरेशन तक सब शामिल हैं उसमें 12 प्रतिशत होता है।
भारतीयों को भा रहा ये ट्रेंड
डेस्टिनेशन वेडिंग्स का चलन ना केवल शादियों को एक नया और रोमांचक रूप दे रहा है, बल्कि इसने भारत में शादियों की परंपरा को भी एक नई दिशा दी है। हाल ही में आए Skyscanner के सर्वे में दावा किया गया है कि 85 फीसदी भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग के पक्ष में हैं। भारत में पिछले कुछ सालों में हुए कई हाई प्रोफाइल शादियों ने भी इस ट्रेंड को काफी बढ़ावा दिया है। युवाओं में अब शादी को यादगार बनाने के लिए खुलकर खर्च करने की चाहत बढ़ गई है।
तेजी से ग्रोथ कर रही ये बिजनेस
देश के विकास के साथ ही भारतीय कंज्यूमर की परचेजिंग पावर भी बढ़ रही है। ऐसे में डेस्टिनेशन वेंडिंग की डिमांड बढ़ने के साथ ही इस बिजनेस ने 15-22% की ग्रोथ भी दर्ज की है। भारत में होने वाली कुल शादियों में डेस्टिनेशन वेडिंग की हिस्सेदारी 2022 में 18% थी जो अब 2023 में 21% हो गई है। वहीं 2025 तक ये आंकड़ा 30 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।