
फ्लाइट से सफर करने पर जब लैंडिंग टाइम आता है तो फ्लाइट के धीरे-धीरे नीचे उतरने पर जब खिड़की से बाहर देखते हैं, सामने बादलों के बीच ऊंचे पहाड़, दूर तक फैला नीला पानी या हरी-भरी वादियां नजर आने लगती हैं। ऐसे खूबसूरत नजारे देखकर लैंडिंग का समय भी सफर का खास हिस्सा बन जाता है। इससे मंजिल पर पहुंचने से पहले ही आपको उस जगह की खूबसूरती का अंदाजा हो जाता है।
भारत में कई एयरपोर्ट ऐसी शानदार जगहों पर बने हैं, जहां विमान से उतरते समय आसपास का नजारा आपका ध्यान खींच लेता है। कहीं चारों तरफ पहाड़ दिखाई देते हैं, तो कहीं समुद्र, नदियां, घाटियां और हरियाली नजर आती है। इन एयरपोर्ट पर लैंडिंग सिर्फ एक जगह पहुंचने का जरिया नहीं, बल्कि अपने आप में एक खूबसूरत एक्सपीरियंस बन जाती है।
आइजोल का लेंगपुई एयरपोर्ट पहाड़ियों के बीच बना हुआ है और इसे तैयार करना इंजीनियरों के लिए आसान काम नहीं था। यहां तीन पहाड़ियों की चोटियों को काटकर और जमीन को समतल करके रनवे तैयार किया गया। एयरपोर्ट की खासियत इसका टेबलटॉप रनवे है, जो पहाड़ी के ऊपर एक सपाट हिस्से पर बना है। विमान नीचे उतरते समय चारों तरफ फैली हरी पहाड़ियों और घने जंगलों का खूबसूरत नजारा दिखाता है। पहाड़ियों के बीच से बहते छोटे नाले और दूर तक फैली हरियाली इस लैंडिंग को और खास बना देती है।
कांगड़ा एयरपोर्ट, हिमाचल प्रदेश
धर्मशाला के पास कांगड़ा एयरपोर्ट आकार में भले ही छोटा है, लेकिन यहां से मिलने वाला नजारा बेहद शानदार है। फ्लाइट नीचे आते ही सामने धौलाधार की ऊंची पहाड़ियां दिखाई देने लगती हैं। साफ मौसम में बर्फ से ढकी चोटियां खिड़की से बहुत करीब नजर आती हैं। ऐसा लगता है जैसे फ्लाइट सीधे पहाड़ों की ओर बढ़ रहा हो और फिर अचानक घाटी में उतर रहा हो। एयरपोर्ट तक पहुंचने के दौरान हिमाचल की हरियाली और पहाड़ी इलाका इस सफर को और खूबसूरत बना देता है।
भुंतर एयरपोर्ट, हिमाचल प्रदेश
कुल्लू में ब्यास नदी के किनारे बना भुंतर एयरपोर्ट चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है। फ्लाइट जब घाटी की ओर नीचे आता है, तो एक तरफ ब्यास नदी और दूसरी तरफ ऊंची पहाड़ियां दिखाई देती हैं। आसपास देवदार के जंगल, हरे पहाड़ और सेब के बागान इस नजारे को बेहद खूबसूरत बनाते हैं। यहां की घाटी काफी संकरी है, इसलिए लैंडिंग का एक्सपीरियंस दूसरे एयरपोर्ट से काफी अलग लगता है। खिड़की वाली सीट से बाहर देखने पर ऐसा लगता है जैसे फ्लाइट पहाड़ों के बीच से रास्ता बनाते हुए नीचे उतर रहा हो।
शिमला एयरपोर्ट, हिमाचल प्रदेश
शिमला का एयरपोर्ट भी पहाड़ी इलाके में बना है और इसका रनवे तैयार करने के लिए पहाड़ की चोटी को काटकर जमीन को समतल किया गया था। एयरपोर्ट के आसपास घने जंगल और गहरी पहाड़ी ढलानें हैं। फ्लाइट जब यहां उतरता है तो नीचे हिमाचल की घुमावदार पहाड़ियां और हरियाली दिखाई देती है। साफ मौसम में दूर तक फैले पहाड़ों का नजारा लैंडिंग को खास बना देता है।
पाकयोंग एयरपोर्ट, सिक्किम
सिक्किम का पाकयोंग एयरपोर्ट पहाड़ को काटकर तैयार किया गया है। यहां पहले कोई बड़ी समतल जमीन नहीं थी, इसलिए इंजीनियरों ने पहाड़ का एक हिस्सा काटकर और दूसरी तरफ मिट्टी भरकर रनवे के लिए जगह बनाई। एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरते समय पूरा इलाका बेहद शानदार दिखाई देता है। साफ मौसम में कंचनजंगा की बर्फीली चोटियां भी नजर आ सकती हैं। दूर से देखने पर एयरपोर्ट ऐसा लगता है जैसे वह पहाड़ों के बीच हवा में टिका हुआ हो। यही वजह है कि इसे भारत के सबसे खूबसूरत पहाड़ी एयरपोर्ट में गिना जाता है।
कुशोक बकुला रिम्पोचे एयरपोर्ट, लद्दाख
लेह का कुशोक बकुला रिम्पोचे एयरपोर्ट करीब 3,256 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह भारत के सबसे ऊंचे कमर्शियल एयरपोर्ट में से एक है। यहां पहुंचते ही चारों तरफ सूखे, ऊंचे और अलग-अलग रंगों वाले पहाड़ नजर आते हैं। गर्मियों में लद्दाख के पहाड़ सुनहरी और भूरी रंगत में दिखाई देते हैं, जबकि सर्दियों में यही पहाड़ बर्फ से ढक जाते हैं। फ्लाइट की खिड़की से नीचे नजर डालने पर लद्दाख का अनोखा पहाड़ी रेगिस्तान दिखाई देता है।
श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जम्मू-कश्मीर
श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचते समय खिड़की से दिखने वाला कश्मीर का नजारा सफर की सारी थकान दूर कर सकता है। साफ मौसम में नीचे पूरी कश्मीर घाटी दिखाई देती है। चारों तरफ पीर पंजाल और ज़बरवान की पहाड़ियां, हरे-भरे खेत, पेड़ और दूर से दिखाई देने वाली डल झील का नजारा मिलता है। सर्दियों में पहाड़ों पर बर्फ जम जाती है, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर जैसा दिखाई देता है। फ्लाइट जब घाटी में नीचे उतरता है, तो ऐसा लगता है जैसे आप किसी खूबसूरत तस्वीर के बीच पहुंच रहे हों।
अगाती एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां लैंडिंग के दौरान चारों तरफ समुद्र और लैगून दिखाई देता है। एयरपोर्ट एक बेहद संकरी जगह पर बना है और रनवे के दोनों तरफ नीला पानी नजर आता है। फ्लाइट नीचे आते समय पानी का रंग हल्के फिरोजी से गहरे नीले रंग में बदलता हुआ दिखाई देता है। रनवे के किनारे लगे नारियल के पेड़ और आसपास का साफ समुद्र इसे किसी बीच डेस्टिनेशन जैसा बना देते हैं।
वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अंडमान और निकोबार
पोर्ट ब्लेयर का वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट समुद्र और द्वीपों की खूबसूरती के बीच बना है। इसका नया टर्मिनल सीप के शेप से इंस्पायर होकर बनाया गया है, जो इसे दूसरे एयरपोर्ट से अलग पहचान देता है। एयरपोर्ट में नेचुरल लाइट और पर्यावरण को ध्यान में रखकर कई सुविधाएं भी तैयार की गई हैं। यहां लैंडिंग के दौरान अंडमान सागर और आसपास के द्वीपों का नजारा देखते ही बनता है।
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