1 जुलाई से बंद होंगे पुराने 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोट? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों पुराने भारतीय नोटों को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच भ्रम और चिंता बढ़ा दी है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि कहीं उनके पास मौजूद नोटों पर कोई नया नियम तो लागू नहीं होने वाला। ऐसे में किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जानना जरूरी है

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 9:27 AM
यह अफवाह इसलिए भी तेजी से फैली क्योंकि लोगों को 2016 की नोटबंदी याद आ गई

इन दिनों सोशल मीडिया पर पुराने भारतीय करेंसी नोटों को लेकर तरह-तरह की बातें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई पोस्ट और फॉरवर्ड मैसेज में दावा किया जा रहा है कि जल्द ही कुछ पुराने नोटों से जुड़ा बड़ा बदलाव होने वाला है। इन संदेशों ने आम लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कई लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनके पास मौजूद पुराने नोट सुरक्षित हैं या उन्हें तुरंत बैंक जाकर बदलवाना चाहिए। ऐसे दावों के वायरल होते ही लोग अपने परिवार और परिचितों से इसकी चर्चा करने लगे, जबकि सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

हालांकि, बैंकिंग और करेंसी से जुड़ी किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना बेहद जरूरी होता है। आखिर वायरल हो रहे इस दावे की सच्चाई क्या है, क्या वास्तव में पुराने नोटों को लेकर कोई नया नियम लागू होने वाला है या ये सिर्फ एक अफवाह है? आइए जानते हैं पूरा मामला।

बैंक के नाम से वायरल हुआ फर्जी नोटिस


वायरल मैसेज में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लोगो लगाया गया था, जिससे यह सरकारी सूचना जैसा दिखाई दे रहा था। इसमें लिखा था कि 30 जून के बाद पुराने महात्मा गांधी सीरीज के नोट चलना बंद हो जाएंगे और लोगों से उन्हें जल्द बैंक में बदलने की अपील की गई।

PIB ने किया बड़ा खुलासा

सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस दावे की जांच की और इसे पूरी तरह फर्जी बताया। PIB ने साफ कहा कि पुराने ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों को बंद करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है और वायरल संदेश का कोई कानूनी आधार नहीं है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी दी सफाई

बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उसके नाम से फैलाया जा रहा मैसेज पूरी तरह झूठा है। बैंक ने ग्राहकों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें।

RBI ने क्या कहा?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दोहराया है कि 2005 से पहले छपे ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोट आज भी पूरी तरह वैध हैं। RBI ने पहले केवल बेहतर सुरक्षा फीचर्स वाले नए नोट इस्तेमाल करने के लिए पुराने नोट बदलने की सलाह दी थी, लेकिन इन्हें बंद करने का कोई आदेश कभी जारी नहीं किया गया।

2016 की नोटबंदी जैसी कोई योजना नहीं

यह अफवाह इसलिए भी तेजी से फैली क्योंकि लोगों को 2016 की नोटबंदी याद आ गई, जब ₹500 और ₹1,000 के पुराने नोट अचानक बंद कर दिए गए थे। हालांकि इस बार सरकार और RBI ने साफ कर दिया है कि छोटे मूल्य के नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है।

ऐसे मैसेज आएं तो क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग और करेंसी से जुड़ी किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले RBI, संबंधित बैंक या PIB Fact Check की आधिकारिक जानकारी जरूर देखें। बिना पुष्टि के ऐसे मैसेज आगे भेजने से बचें, ताकि अफवाहें न फैलें।

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