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'पैसे से ज्यादा जरूरी है हेल्थ', करोड़ों की सैलरी छोड़ वेट्रेस बनीं महिला की कहानी कर देगी हैरान

Left corporate Job: एक महिला ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर वेट्रेस की नौकरी क्यों चुनी। महिला ने अपना एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह खुशी-खुशी वेट्रेस का काम करती नजर आ रही है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 02, 2026 पर 2:51 PM
'पैसे से ज्यादा जरूरी है हेल्थ', करोड़ों की सैलरी छोड़ वेट्रेस बनीं महिला की कहानी कर देगी हैरान
उनके पोस्ट किए गए वीडियो की शुरुआत एक टेक्स्ट के साथ होती है, जिसमें लिखा है, "मैंने 33 साल की उम्र में वेट्रेस का काम करने के लिए मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी...

Left corporate Job: 33 साल की उम्र में एक अच्छी-खासी कॉर्पोरेट सैलरी वाली नौकरी छोड़कर वेट्रेस का काम करने वाली एक महिला का किस्सा वायरल हो गया है। उसने बताया कि कैसे करियर में इस बदलाव ने उसकी लंबे समय से चली आ रही सेहत की समस्याओं को ठीक कर दिया। उसने इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि अपनी कॉर्पोरेट डेस्क जॉब के आखिरी छह महीने उसने अपनी बीमारी की असली वजह जानने के लिए लगातार टेस्ट करवाने में बिताए थे। आखिर में पता चला कि इसकी असली वजह कॉर्पोरेट स्ट्रेस (काम का तनाव) ही था।

सारामा कॉर्निश ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "अपनी कॉर्पोरेट नौकरी के आखिरी 6 महीनों में, मैं बस हवा और पत्तियों जैसा हल्का खाना खा रही थी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्पेशलिस्ट से हर तरह के टेस्ट करवा रही थी ताकि पता चल सके कि मुझे इतना गंभीर IBS क्यों हो रहा है।" उन्होंने दावा किया, "पता चला कि यह सिर्फ़ स्ट्रेस (तनाव) की वजह से था और नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद ही सारे लक्षण गायब हो गए। मैं अब पहले से कहीं ज़्यादा सेहतमंद हूं।"

उनके पोस्ट किए गए वीडियो की शुरुआत एक टेक्स्ट के साथ होती है, जिसमें लिखा है, "मैंने 33 साल की उम्र में वेट्रेस का काम करने के लिए मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़ दी... और अगर इसका मतलब यह है कि मुझे फिर कभी स्ट्रेस से जुड़ा IBS का कोई लक्षण नहीं होगा, तो मैं सचमुच अपनी बाकी ज़िंदगी यह फ़र्श पोंछने को तैयार हूं। सेहत ही असली दौलत है। क्लिप में उन्हें चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान के साथ फ़र्श पोंछते हुए दिखाया गया है।

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