बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट सूर्या का पुराना इंटरव्यू एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो गया है। यह वीडियो पहले यूट्यूब पर शेयर किया गया था, जिसमें वह अपने मासिक खर्च, बचत और निवेश को लेकर एक फाइनेंशियल एडवाइजर से खुलकर बात करते नजर आते हैं। जैसे ही यह क्लिप दोबारा इंटरनेट पर सामने आई, लोगों के बीच सैलरी और लाइफस्टाइल को लेकर नई बहस छिड़ गई। कई यूजर्स इस बात पर चर्चा करने लगे कि ज्यादा कमाई होने के बावजूद भी आखिर क्यों महीने के अंत में बचत नहीं हो पाती।
वहीं कुछ लोगों ने इसे आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती जिम्मेदारियों का नतीजा बताया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर “लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन” और फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
“पैसा आता है, लेकिन बचता नहीं”
सूर्या ने बताया कि वह पिछले 14 सालों से बेंगलुरु में रह रहे हैं और एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के रूप में काम करते हैं। उनकी सालाना कमाई करीब ₹45 लाख है और हर महीने लगभग ₹2.45 लाख घर ले जाते हैं। इसके बावजूद उनका कहना है कि महीने के अंत में अक्सर पैसे खत्म हो जाते हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि खर्च कहाँ चला जाता है।
शादी और परिवार के बाद बढ़े खर्च
सूर्या ने बताया कि शादी और बच्चे के बाद उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि परिवार बनने के बाद खर्चों में काफी बढ़ोतरी हुई और वह अपनी SIPs यानी निवेश को पहले जितना नहीं बढ़ा पाए।
कहां खर्च होता है इतना पैसा?
उन्होंने अपने खर्चों का पूरा हिसाब भी बताया। सबसे बड़ा खर्च उनका होम लोन EMI है, जो करीब ₹63,000 प्रति माह है। इसके अलावा बच्चे की स्कूल फीस ₹11,000, घर का राशन और खाना ₹12,000, और अन्य छोटे खर्च लगभग ₹20,000 हैं। वहीं घूमना-फिरना, शॉपिंग और बाहर खाने पर करीब ₹32,000 खर्च हो जाता है।
जैसे ही यह क्लिप फिर से वायरल हुई, X पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आने लगी। कुछ लोगों ने कहा कि खर्चों को सही तरीके से प्लान करने की जरूरत है, जबकि कई लोगों ने माना कि वह अपनी कमाई का अच्छा हिस्सा बचा रहे हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने इसे “लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन” का उदाहरण बताया, जबकि अन्य ने कहा कि अच्छी शिक्षा, परिवार और भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह एक सामान्य वित्तीय स्थिति है।