सिर्फ 5 मिनट वीडियो कॉल की बात और कर ली शादी, 9 दिन बाद पति को हुआ बड़ा पछतावा

इस शादी के लिए परिवार ने कुल लगभग करीब 36.8 लाख रुपये खर्च किए। इसमें करीब 13.9 लाख रुपये) शादी से जुड़ी पारंपरिक रकम के रूप में दिए गए, जबकि करीब 22.2 लाख रुपये मैट्रिमोनियल एजेंसी की फीस थी। हैरानी की बात यह रही कि पहली वीडियो कॉल के केवल तीन दिन बाद ही गू और महिला ने कानूनी रूप से अपनी शादी दर्ज करा ली

अपडेटेड Jun 20, 2026 पर 7:02 PM
5 मिनट की वीडियो कॉल, 3 दिन में शादी और 9 दिन में तलाक! 36 लाख रुपये खर्च कर भी नहीं बचा रिश्ता

किसी व्यक्ति के साथ पूरी जिंदगी बिताने का फैसला करने से पहले आमतौर पर लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह जानने की कोशिश करते हैं। लेकिन चीन के एक व्यक्ति ने सिर्फ पांच मिनट की वीडियो कॉल के बाद शादी करने का फैसला कर लिया। जो बातचीत जीवनसाथी की तलाश के रूप में शुरू हुई थी, वह बाद में शादी, पैसों और भरोसे से जुड़े विवाद में बदल गई। शादी के महज नौ दिन बाद ही उस व्यक्ति को अपने फैसले पर पछतावा होने लगा। उसने दावा किया कि उसने जल्दबाजी में यह फैसला लिया था और अब वह इस रिश्ते को खत्म करना चाहता है।

सिर्फ 5 मिनट की बात और कर ली शादी

गू नाम के इस व्यक्ति ने बताया कि इतनी जल्दी शादी करने का फैसला लेने के पीछे उसके माता-पिता का दबाव भी एक बड़ी वजह था। पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में रहने वाला 32 वर्षीय गू अपने लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहा था। इसी कारण उसने एक मैट्रिमोनियल एजेंसी की मदद ली। 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, गू अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। उसने एक स्थानीय मैट्रिमोनियल एजेंसी में रजिस्टर कराने के लिए 200 युआन (करीब 2,700 रुपये) फीस दी थी। एजेंसी ने शुरुआत में उसकी मुलाकात उसके इलाके की तीन महिलाओं से कराई, लेकिन किसी के साथ भी बात आगे नहीं बढ़ सकी और रिश्ता तय नहीं हो पाया।


मैट्रिमोनियल एजेंसी पर भरोसा पड़ा भारी! 

बाद में मैट्रिमोनियल एजेंसी ने गू को दूसरे राज्यों की महिलाओं के बारे में जानकारी दी। मैचमेकर ने गू के परिवार से कहा कि शादी सिर्फ दो दिनों के भीतर कराई जा सकती है। गू का घर बसाने की इच्छा से उसके परिवार ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सहमति दे दी। अप्रैल महीने में गू की मुलाकात उत्तर-पश्चिमी चीन के शानक्सी प्रांत की 30 वर्षीय महिला से कराई गई। विवाह परिचय केंद्र की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया था कि महिला पर कोई कर्ज नहीं है, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह किसी गंभीर या आनुवंशिक बीमारी से भी पीड़ित नहीं है। महिला की प्रोफाइल में यह भी लिखा गया था कि वह जल्द शादी करने और जरूरत पड़ने पर दूसरे शहर या प्रांत में जाकर बसने के लिए तैयार है।

22 लाख फीस देकर भी नहीं बची शादी

शादी जैसा बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेने के बावजूद, गू और उस महिला को एक-दूसरे को समझने और जानने का बहुत कम समय मिला। शादी से पहले दोनों के बीच केवल एक बार पांच मिनट की वीडियो कॉल हुई थी। इस बातचीत के दौरान गू ने महिला के काम और उसके परिवार के बारे में कुछ सवाल पूछे। महिला ने बताया कि वह एक सेल्स एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करती है। हालांकि, बातचीत के दौरान अधिकतर सवालों के जवाब मैट्रिमोनियल एजेंसी के प्रतिनिधि ने ही दिए। एजेंसी ने यह भी भरोसा दिलाया था कि शादी से पहले महिला की क्रेडिट हिस्ट्री और मेडिकल जांच की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी तरह की शंका न रहे। एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी पर भरोसा करते हुए गू और उनके परिवार ने शादी के लिए हां कर दी। हैरानी की बात यह रही कि शादी का फैसला लेने से पहले गू और महिला की कभी आमने-सामने मुलाकात भी नहीं हुई थी।

खर्च हुए थे 36 लाख रुपए

इस शादी के लिए गू के परिवार ने कुल लगभग 2.65 लाख युआन (करीब 36.8 लाख रुपये) खर्च किए। इसमें करीब 1 लाख युआन (लगभग 13.9 लाख रुपये) शादी से जुड़ी पारंपरिक रकम के रूप में दिए गए, जबकि 1.60 लाख युआन (करीब 22.2 लाख रुपये) मैट्रिमोनियल एजेंसी की फीस थी। परिवार ने मैचमेकर से यह भी कहा था कि वह महिला को शानक्सी प्रांत से गू के शहर तक लेकर आए। हैरानी की बात यह रही कि पहली वीडियो कॉल के केवल तीन दिन बाद ही गू और महिला ने कानूनी रूप से अपनी शादी दर्ज करा ली। उस समय तक गू का परिवार महिला के माता-पिता से भी नहीं मिला था। हालांकि, शादी के कुछ समय बाद ही समस्याएं सामने आने लगीं। मैट्रिमोनियल एजेंसी ने जिन दस्तावेजों को देने का वादा किया था, जैसे क्रेडिट हिस्ट्री और अन्य जरूरी रिकॉर्ड, वे उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद गू और उसके परिवार को पूरे मामले पर शक होने लगा।

शादी के बाद खुला लाखों के कर्ज का राज

शादी के बाद गू अपनी पत्नी को बैंक ले गए ताकि उसकी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच कर सकें। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि महिला के नाम पर लगभग 1 लाख युआन (करीब 13.9 लाख रुपये) का कर्ज़ है। इस पर महिला ने कहा कि यह कर्ज़ उसके पूर्व प्रेमी से जुड़ा हुआ है और उसका इससे कोई संबंध नहीं है। गू को तब भी चिंता हुई जब उन्हें पता चला कि महिला के मोबाइल पेमेंट अकाउंट (जिसके लिए असली नाम से वेरिफिकेशन ज़रूरी होता है) से जुड़ा नाम उस नाम से अलग था जो उन्हें पता था। अगले दिन, महिला ने उन्हें बताया कि उसके लिवर में एंजाइम का लेवल ज़्यादा है और उसे वजन कम करने की जरूरत है। उसने यह भी कहा कि इस स्थिति का उसकी फर्टिलिटी (बच्चे पैदा करने की क्षमता) पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

9 दिन में पति ने तोड़ दिया रिश्ता

शादी का पंजीकरण होने के केवल नौ दिन बाद ही गू ने तलाक लेने का फैसला कर लिया। उनका कहना था कि उन्हें इस बात का पछतावा है कि उन्होंने अपनी होने वाली पत्नी को ठीक से समझे और जाने बिना शादी जैसा बड़ा फैसला ले लिया। शुरुआत में महिला तलाक के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन बाद में उसने अपना फैसला बदल दिया। इसके बाद उसने गू के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज करा दिया। महिला का आरोप है कि तलाक की मांग से उसकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा और वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। अपने दावे के समर्थन में उसने मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की। उसने गू से 50,000 युआन (करीब 6.9 लाख रुपये) मुआवजे की मांग की है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि गू चाहते थे कि शादी के बाद वह मेकअप करे, घर के काम संभाले और साथ ही नौकरी भी करती रहे। इसी वजह से दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।

इस बीच, गु ने मैचमेकिंग सेंटर के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज कराई और अपनी दी हुई 1,60,000 युआन (लगभग 22.2 लाख रुपये) की फ़ीस वापस करने की माँग की। एजेंसी ने पैसे वापस करने से इनकार कर दिया और कहा कि उसने पार्टनर से मिलवाकर अपनी सर्विस पूरी कर दी थी और कपल ने कानूनी तौर पर शादी भी कर ली थी। मैचमेकर ने यह भी सुझाव दिया कि हो सकता है कि कपल ने पैसे वापस पाने के लिए नकली तलाक की योजना बनाई हो।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।