जहां अधिकांश लोग रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जीवन बिताने की योजना बनाते हैं, वहीं एक 64 वर्षीय शख्स ने अपने फैसले से लोगों का ध्यान खींच लिया है। उम्र को सिर्फ एक संख्या साबित करते हुए उन्होंने एक स्टार्टअप में इंटर्न के रूप में नई शुरुआत की। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे अनुभव, सीखने की चाह और काम के प्रति जुनून का शानदार उदाहरण बता रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि युवा कर्मचारियों के बीच उनकी मौजूदगी न केवल प्रेरणा का स्रोत बन रही है, बल्कि कार्यस्थल पर उम्र और अनुभव की अहमियत को लेकर भी नई चर्चा छेड़ रही है। यही वजह है कि यह अनोखी कहानी इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है।
स्टार्टअप में सबसे खास इंटर्न बने बुजुर्ग
मुंबई के स्टार्टअप फाउंडर जोशुआ सालिंस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें 64 वर्षीय इंटर्न युवा कर्मचारियों के साथ बातचीत करते नजर आते हैं। वीडियो में टीम के सदस्य उनकी बातें ध्यान से सुन रहे हैं और उनके अनुभवों से सीख रहे हैं।
फाउंडर ने पोस्ट में लिखा कि 64 वर्षीय इंटर्न को टीम में शामिल करना उनके सबसे अच्छे फैसलों में से एक साबित हुआ है।
अनुभव का खजाना, जो किताबों में नहीं मिलता
पोस्ट में बताया गया कि ये इंटर्न कंपनियां बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने का लंबा अनुभव रखते हैं। उनका अनुभव संगठन की संस्कृति को मजबूत बनाने में मदद कर रहा है। साथ ही जब टीम का मनोबल कमजोर पड़ता है, तब उनके जीवन के अनुभव कर्मचारियों को प्रेरित करने का काम करते हैं।
आखिर इंटर्न ही क्यों बने?
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठा कि इतनी उम्र और अनुभव होने के बावजूद उन्होंने इंटर्न बनने का फैसला क्यों किया।
इसका जवाब देते हुए फाउंडर ने बताया कि वह घर पर खाली बैठकर समय नहीं बिताना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि वे सक्रिय रहें और अपने वर्षों के अनुभव को नई पीढ़ी के साथ साझा करें। इसी वजह से उन्होंने स्टार्टअप के साथ जुड़ना पसंद किया।
सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ
यह अनोखा विचार लोगों को खूब पसंद आया। कई यूजर्स ने कहा कि अनुभवी लोगों का ज्ञान किसी भी कंपनी के लिए बेहद कीमती होता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पीढ़ियों के बीच बेहतर तालमेल का शानदार उदाहरण बताया।
एक यूजर ने लिखा कि यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है। दूसरे ने कहा कि इतने अनुभवी व्यक्ति को युवा टीम के साथ काम करते देख भावुकता महसूस हुई।
उम्र नहीं, सीखने और सिखाने का जज्बा मायने रखता है
यह वायरल कहानी दिखाती है कि सीखने और काम करने की कोई तय उम्र नहीं होती। अनुभव और नई सोच का मेल किसी भी संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। यही वजह है कि 64 वर्षीय इंटर्न की यह कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है और कार्यस्थलों में उम्र की भूमिका को लेकर नई बहस भी छेड़ रही है।