अयोध्या के किसान ने अपने गार्डेन में उगाया दुनिया का सबसे महंगा फल, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

मियाजाकी आम दुनिया के सबसे खास और महंगे आमों में गिना जाता है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के अशरफपुर टोनिया गांव के किसान ओम प्रकाश सिंह ने अपने घर के बगीचे में दुनिया की सबसे महंगी मियाजाकी आम की खेती कर रहे हैं

अपडेटेड Jun 07, 2026 पर 10:05 PM
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मियाजाकी आम दुनिया के सबसे खास और महंगे आमों में गिना जाता है

गर्मी आते ही लोगों को आम का इंतजार रहने लगता है। बाजार में दशहरी, लंगड़ा और चौसा जैसे कई तरह के आम मिलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मियाजाकी आम अपनी खास खूबियों और महंगी कीमत के लिए दुनिया भर में मशहूर है। वहीं उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के अशरफपुर टोनिया गांव के किसान ओम प्रकाश सिंह ने अपने घर के बगीचे में दुनिया की सबसे महंगी मियाजाकी आम की खेती कर रहे हैं। वहीं उन्होंने अपने घर में बगीचे में मियाजाकी आम को सफलतापूर्वक उगाया है। उनकी इस उपलब्धि ने आसपास के लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल पेड़ पर केवल 8 से 10 आम लगे हैं, लेकिन ओम प्रकाश सिंह को उम्मीद है कि आने वाले दो से तीन वर्षों में इसकी पैदावार काफी बढ़ जाएगी।

क्या है मियाजाकी आम की खासियत

मियाजाकी आम दुनिया के सबसे खास और महंगे आमों में गिना जाता है। एक मियाजाकी आम का वजन करीब 250 ग्राम होता है। आमतौर पर दूसरे आम पकने पर पीले या हरे हो जाते हैं, लेकिन मियाजाकी आम पकने के बाद गहरे लाल और बैंगनी रंग का दिखता है। ये आम मुख्य रूप से जापान में उगाया जाता है, लेकिन अब भारत में भी इसकी खेती बढ़ रही है। मियाजाकी आम को दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है और इसकी कीमत जापान व भारत दोनों जगह काफी अधिक बताई जाती है। बताया जाता है कि जापान में इसकी कीमत करीब 2.7 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है, जबकि भारत में भी यह लगभग 1.5 लाख रुपये प्रति किलो के भाव पर बिकता है। यही वजह है कि मियाजाकी आम को एक बेहद कीमती और खास फल माना जाता है।


महाराष्ट्र में भी कर रहे खेती

अयोध्या में ओम प्रकाश सिंह के बाद महाराष्ट्र के पुणे जिले के किसान फारूक इनामदार ने भी अपने बाग में कई विदेशी और खास किस्म के आम लगाए हैं। उनके बाग में 120 आम के पेड़ हैं, जिनमें 90 विदेशी और 30 भारतीय किस्मों के हैं। फारूक इनामदार के खास आमों के लिस्ट में मियाजाकी आम भी शामिल है। इनामदार को दुर्लभ आमों की खेती का विचार हज यात्रा के दौरान आया था, जहां उन्होंने विभिन्न देशों के कई खास किस्म के आम देखे। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग देशों से पौधे मंगवाए और अपने पुणे स्थित खेत में उनकी खेती शुरू की, जो आज एक अनोखे आमों के बाग के रूप में पहचान बना चुका है।

इस किस्म के आम लगाए गए

लगभग दो साल की मेहनत के बाद फारूक इनामदार के बाग में इन दुर्लभ आम के पेड़ों पर सफलतापूर्वक फल आने लगे हैं। उनके खेत में अब रेड अफ्रीकन, रेड ताइवान, अरुणिका, बनाना मैंगो, ऑस्ट्रेलिया की ए2आर2 किस्म, बांग्लादेश की कटोमोनी और शाहजहां समेत मियाज़ाकी जैसे कई विदेशी आम उगाए जा रहे हैं। इन खास किस्मों के आम बाजार में काफी ऊंची कीमत पर बिकते हैं, लेकिन मियाजाकी आम सबसे महंगा माना जाता है। आमतौर पर एक किलो में चार से छह मियाजाकी आम होते हैं और एक फल का वजन करीब 300 ग्राम तक होता है।

इतनी पहुंच जाती है आम की दाम

फारूक इनामदार ने अपने बाग में मौजूद एक खास आम की किस्म "कोयातुर" का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ये पेड़ अच्छी पैदावार देने के लिए जाना जाता है और एक सीजन में करीब 8 से 10 किलो आम देता है। इस किस्म के आम बाजार में काफी महंगे बिकते हैं और एक फल की कीमत लगभग 1,500 रुपये से 5,000 रुपये तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि ये किस्म किसानों और बागवानी प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। फारूक इनामदार अब भविष्य में और भी दुर्लभ विदेशी आमों की खेती करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार वह अपनी फसल बेचने के बजाय खुद के उपयोग और संरक्षण के लिए रखेंगे।

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