उत्तर बिहार के गोड्डा जिले में अंकुश नाम के एक युवक और उसके पालतू कबूतर जैकी की दोस्ती इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यह रिश्ता इतना अनोखा और दिल को छू लेने वाला है कि देखने वाले इसे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं मानते। पिछले आठ महीनों से जैकी पूरी तरह आजाद होकर अंकुश के साथ रहती है, पिंजरे में कैद नहीं है और जहां भी अंकुश जाता है, जैकी उसके साथ उड़ती हुई पहुंच जाती है।
अंकुश और जैकी की हुई दूर-दूर तक चर्चा
कुछ लोग इस दोस्ती की तुलना यूपी के अमेठी में चर्चित आरिफ और सारस की जोड़ी से करते हैं, जो इंसान और पक्षी के बीच की गहरी दोस्ती की मिसाल बनी थी। अंकुश बताते हैं कि जैकी सिर्फ एक पालतू पक्षी नहीं, बल्कि परिवार की तरह है। वह रात को उसके बिस्तर के पास रहती है और सुबह होते ही उसके कंधे पर बैठकर पूरे दिन उसके साथ रहती है।
अंकुश ने हाल ही में एक छोटे से कबूतर के बच्चे को भी पालना शुरू किया है ताकि जैकी की तरह वह भी उनके परिवार का हिस्सा बन सके। उनका मानना है कि अगर इंसान जानवरों को प्यार और अपनापन देता है, तो वे भी जीवन भर उसका साथ देते हैं। गोड्डा के स्थानीय लोग इस जोड़ी को देखकर भावुक हो जाते हैं और इसे इंसान और प्रकृति के बीच की सच्ची दोस्ती का प्रतीक मानते हैं। जहां भी अंकुश और जैकी नजर आते हैं, वहां लोग उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते हैं, जिससे उनकी चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल गई है।
अंकुश की ये दोस्ती सिर्फ एक दोस्ती ही नहीं, बल्कि इंसानी भावनाओं और प्रकृति के अद्भुत संबंध की कहानी है। यह भी दिखाती है कि कितना गहरा लगाव और सहानुभूति इंसान और जानवरों के बीच हो सकता है।