हाल ही में एक रेडिट पोस्ट काफी चर्चा में आ गई है, जिसमें एक शख्स ने अपने अनोखे तरीके से नौकरी पाने का अनुभव शेयर किया है। उसने बताया कि उसने AI की मदद से जॉब सर्च और अप्लिकेशन की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेट कर दी। हैरानी की बात ये रही कि उसे एक महीने में करीब 50 इंटरव्यू कॉल मिल गए, वो भी तब जब वह खुद आराम से सो रहा था। इस पोस्ट के वायरल होते ही लोगों के बीच ये सवाल उठने लगा कि क्या अब नौकरी पाने का तरीका पूरी तरह बदल रहा है?
AI का ये इस्तेमाल जहां कुछ लोगों को स्मार्ट और फायदेमंद लग रहा है, वहीं कुछ इसे नौकरी की प्रक्रिया के लिए चुनौती भी मान रहे हैं। ये मामला दिखाता है कि टेक्नोलॉजी तेजी से हमारी जिंदगी और करियर के तरीके को बदल रही है।
उसका मानना है कि जब कंपनियां खुद रिज्यूमे छांटने के लिए AI का इस्तेमाल करती हैं, तो उम्मीदवार अगर उसी तकनीक का उपयोग करें, तो ये गलत नहीं है। इससे जॉब पाने के मौके बढ़ सकते हैं।
उसने एक ऐसा AI बॉट बनाया, जो जॉब लिस्टिंग को समझता है और हर पोस्ट के अनुसार रिज्यूमे और कवर लेटर तैयार करता है। इतना ही नहीं, यह बॉट एप्लिकेशन फॉर्म भी खुद भर देता है।
बिना मेहनत के मिल रहे मौके
इस पूरे प्रोसेस की खास बात ये है कि सब कुछ अपने आप होता है। शख्स के अनुसार, वो आराम कर रहा होता था और AI उसके लिए अलग-अलग कंपनियों में अप्लाई करता रहता था।
इस तरीके को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ इसे स्मार्ट तरीका मान रहे हैं, तो कुछ को लगता है कि इससे भर्ती प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
खुद शख्स का कहना है कि AI से काम आसान तो होता है, लेकिन इंसानी समझ भी उतनी ही जरूरी है। इसलिए दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए।