ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। इन वीडियो क्लिप्स में विशाल जनसैलाब नजर आ रहा है, जहां हजारों-लाखों लोग काले कपड़ों में अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे हैं। भीड़ में कई लोग भावनात्मक रूप से टूटते हुए रोते-बिलखते, छाती पीटते और शोक में डूबे दिखाई दे रहे हैं। ईरान के विभिन्न शहरों में चल रहे इस छह दिवसीय राजकीय अंतिम संस्कार को लेकर माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण बना हुआ है। सोशल मीडिया पर इन दृश्यों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं
जनसैलाब में बदली अंतिम विदाई
तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। लोग ईरानी झंडे के साथ शामिल हो रहे हैं, जबकि कई भावुक होकर रोते दिखाई दे रहे हैं। पूरे आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
छह दिनों का लंबा शोक कार्यक्रम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को ग्रैंड इमाम मुसल्ला में पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके बाद 6 जुलाई से अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो कई शहरों से गुजरते हुए 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में समाप्त होगी। यह पूरा आयोजन एक राजकीय और बहु-दिवसीय शोक समारोह है।
भारत से भी पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
इस अंतिम संस्कार में भारत सरकार की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ है। इसमें बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हैं। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती भी इस आयोजन में मौजूद रहीं।
सोशल मीडिया पर बंटे रिएक्शन
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे जनता का गहरा समर्थन बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स भीड़ की वास्तविकता और राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं। कई तरह की चर्चाएं और दावे लगातार सामने आ रहे हैं।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और हाई-प्रोफाइल आयोजन
इस आयोजन की जिम्मेदारी IRGC की प्रमुख इकाई “मोहम्मद रसुलोल्लाह कोर” के पास है। पूरे ईरान में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह आयोजन अब केवल धार्मिक नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी बन गया है।