आयुष सिंह मात्र 19 वर्ष की उम्र में ही चर्चा में आ गए हैं, क्योंकि बताया जा रहा है कि वे हर महीने करीब ₹1 करोड़ की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी यात्रा बेहद साधारण परिस्थितियों से शुरू हुई, जब 13 साल की उम्र में COVID-19 महामारी के दौरान उनके परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खुद से मशीन लर्निंग जैसी उन्नत तकनीक सीखनी शुरू की। धीरे-धीरे उनकी रुचि और मेहनत ने उन्हें टेक्नोलॉजी की दुनिया में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया।
शुरुआती दौर में ही उन्होंने स्टार्टअप्स के साथ काम करना शुरू कर दिया, जिससे उनका अनुभव बढ़ता गया। कम उम्र में ही उनकी पहचान एक उभरते हुए टैलेंट के रूप में बनने लगी, और उनकी कहानी आज युवाओं के बीच प्रेरणा और चर्चा दोनों का विषय बनी हुई है।
टीनएज में ही स्टार्टअप्स की दुनिया में एंट्री
कुछ ही महीनों की मेहनत के बाद आयुष स्टार्टअप्स के साथ काम करने लगे। 14 साल की उम्र में ही उनके काम को MIT से भी सराहना मिली, जो इतनी कम उम्र में बेहद दुर्लभ माना जाता है। इसके बाद उन्होंने NLP सिस्टम पर काम किया और अमेरिका की एक कंपनी में योगदान दिया।
AI इंजीनियर से उद्यमी बनने तक का सफर
आयुष ने धीरे-धीरे खुद को डेटा साइंटिस्ट और MLOps इंजीनियर के रूप में स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने Antern नाम की कंपनी की शुरुआत की और Second Brain Labs की सह-स्थापना की, जहां AI इनोवेशन पर काम किया जाता है।
सीखने के साथ ‘सेलिंग स्किल’ ने बदली किस्मत
एक X पोस्ट के अनुसार, असली टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्हें अपनी स्किल्स को सही तरीके से पेश करना और बेचना सीखने को मिला। इसी रणनीति ने उनकी ग्रोथ को तेज कर दिया और उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए शिक्षा देना शुरू किया।
ऑनलाइन टीचिंग से बना बड़ा नेटवर्क
आयुष ने अपने सरल तरीके से AI जैसे कठिन विषयों को इंजीनियरों के लिए आसान बना दिया। इससे हजारों छात्रों ने उनसे सीखकर नौकरी पाई और उनका नेटवर्क तेजी से बढ़ता गया।
आज ₹1 करोड़ महीना और लगातार बढ़ती चर्चा
आज आयुष सिंह Topmate जैसे प्लेटफॉर्म से करीब ₹1 करोड़ महीना कमाते हैं। वे युवाओं को AI सिखाकर ग्लोबल लेवल पर प्रभाव बना रहे हैं। उनकी कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
कुछ लोगों ने उनकी मेहनत और सालों की सीख को सराहा, तो कुछ ने कोर्स बेचने की रणनीति पर सवाल उठाए। वहीं कई यूजर्स ने अपनी तुलना करते हुए हैरानी और मज़ाकिया प्रतिक्रियाएं भी दीं, जिससे यह कहानी और चर्चा में आ गई।