बकरीद का त्योहार करीब आते ही कोडरमा प्रखंड मैदान का नजारा पूरी तरह बदल गया है और ये जगह अब एक बड़े और चहल-पहल भरे बकरा बाजार में तब्दील हो चुकी है। दूर-दराज़ इलाकों से लोग यहां खास बकरों की खरीदारी के साथ-साथ उन्हें देखने के लिए भी पहुंच रहे हैं। मैदान में हर तरफ अलग-अलग नस्लों के बड़े-बड़े और आकर्षक बकरे लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। कहीं ऊंचे कद के तो कहीं भारी-भरकम वजन वाले बकरे बाजार की रौनक बढ़ा रहे हैं।
खरीददार अपने बजट और पसंद के हिसाब से जानवरों की तलाश में जुटे हैं, तो वहीं विक्रेता अपने-अपने बकरों की खासियत बताकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बन गया है और ये बकरा बाजार लोगों के लिए एक आकर्षण और मनोरंजन का केंद्र बन चुका है।
अलग-अलग राज्यों से आए खास नस्लों के बकरे
इस बार बाजार में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात से लाए गए बकरे खास आकर्षण बने हुए हैं। विक्रेताओं ने अलग-अलग नस्लों के बकरे बिक्री के लिए रखे हैं, जिनमें बरबरी, कश्मीरी, सिरोही, राजस्थानी, अजमेरी और सबसे ज्यादा मांग में रहने वाले तोतापरी नस्ल के बकरे शामिल हैं। लोग अपनी पसंद और बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।
कीमत 16 हजार से लेकर 1.20 लाख रुपये तक
बकरा विक्रेता मोहम्मद निसार लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि, बाजार में बकरों की कीमत 16 हजार रुपये से शुरू होकर 1 लाख 20 हजार रुपये से भी ऊपर तक पहुंच रही है। सबसे महंगे बकरे वो हैं जिन्हें खास देखभाल और बेहतर पोषण देकर तैयार किया गया है। कुछ बकरों का वजन तो एक क्विंटल से भी अधिक बताया जा रहा है, जिन्हें देखने के लिए भीड़ जुट रही है।
ड्राई फ्रूट्स वाली डाइट से बन रहे ‘VIP बकरे’
इन बकरों को साधारण चारे के बजाय खास डाइट दी जा रही है। सुबह के समय बिस्किट, काजू, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स खिलाए जाते हैं, साथ ही पौष्टिक चारा और संतुलित आहार भी दिया जाता है। विक्रेताओं का कहना है कि इसी स्पेशल डाइट के कारण बकरे स्वस्थ, भारी-भरकम और आकर्षक दिखते हैं।
‘शाहरुख’ और ‘सलमान’ नाम के बकरे बने सेलिब्रिटी
बाजार में कुछ खास बकरों को अलग पहचान देने के लिए नाम भी दिए गए हैं। एक लाख रुपये से अधिक कीमत वाले बकरों को ‘शाहरुख’ और ‘सलमान’ जैसे नामों से पुकारा जा रहा है। ये बकरे लोगों के बीच सेल्फी और फोटो का केंद्र बने हुए हैं।
महंगाई का असर भी दिखा बाजार में
खरीदार मोहम्मद गुलफान अंसारी ने बताया कि इस बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बाहर से बकरे लाने का परिवहन खर्च बढ़ गया है, जिससे कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, फिर भी हर बजट के अनुसार बकरे उपलब्ध हैं और खरीदारी जोर-शोर से जारी है।