सोशल मीडिया से अच्छी खासी कमाई फिर भी नहीं छोड़ी नौकरी? कंटेंट क्रिएटर ने खोला ये बड़ा राज

इस समय प्रोडक्ट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम कर रहीं प्रार्थना ने कहा कि, उनकी कॉर्पोरेट नौकरी उन्हें फाइनेशनल सुरक्षा देती है। इसके साथ ही वह ब्रांड कोलैबोरेशन और दूसरे प्रोजेक्ट्स को अपनी पसंद के अनुसार चुन सकती हैं

अपडेटेड Jun 01, 2026 पर 10:08 PM
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सिर्फ कंटेंट क्रिएशन की कमाई पर निर्भर रहना हर किसी के लिए सेफ ऑप्शन नहीं है ( Photo: Canva/Representational Image)

आजकल जहां कई लोग नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कंटेंट क्रिएटर बन रहे हैं, वहीं बेंगलुरु की एक कंटेंट क्रिएटर और पूर्व मॉडल ने अलग रास्ता चुना है। उन्होंने कंटेंट बनाने के साथ अपनी कॉर्पोरेट नौकरी भी जारी रखी है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया से होने वाली कमाई हमेशा तय नहीं होती और कई बार ब्रांड्स से पेमेंट मिलने में भी काफी समय लग जाता है। इसलिए उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी और कंटेंट क्रिएशन, दोनों को साथ लेकर चलने का फैसला किया।

10 साल से कर रही काम

29 वर्षीय प्रार्थना जगन कई सालों से कंटेंट बना रही हैं। प्रार्थना ने मनीकंट्रोल से कहा, "मैं पिछले 10 सालों से ये काम कर रही हूं। मैंने 19 साल की उम्र में ग्रैजुएशन के दौरान कंटेंट बनाना और मॉडलिंग शुरू की थी।" उन्होंने आगे कहा, "जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई, तो मैंने जान-बूझकर 9 से 5 की नौकरी करने का फैसला किया, क्योंकि मैं कंटेंट क्रिएशन को एक शौक और अपनी क्रिएटिवी दिखाने का माध्यम मानती थी, न कि कमाई का मुख्य जरिया।" इस समय प्रार्थना प्रोडक्ट मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम कर रहीं है।


पेमेंट में हुई थी देरी

उन्होंने बताया कि उनके इस फैसले के पीछे करियर के शुरुआती दिनों के अनुभव भी एक बड़ी वजह रहे। उन्होंने कहा, "ये बात मुझे उस नौ महीने के बेरोजगारी वाले दौर में अच्छी तरह समझ आ गई थी, जब मुझे कुछ सबसे मुश्किल ब्रांड पार्टनरशिप्स को संभालना पड़ा।" उन्होंने आगे बताया, "कुछ ब्रांड्स ने मुझे काम के आठ महीने बाद भुगतान किया, जबकि कुछ का 90 दिनों का पेमेंट साइकिल था। उस समय ऐसी स्थिति काफी आम थी।"

इंटरनेशनल क्लाइंट्स होते है ज्यादा प्रोफेशनल

इस अनुभव के बाद प्रार्थना को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि क्या कंटेंट क्रिएशन को कमाई का भरोसेमंद मुख्य जरिया बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "मैं पेमेंट के लिए बार-बार ब्रांड्स से संपर्क करते-करते थक चुकी थी। 90 दिन का पेमेंट साइकिल भी मैं किसी तरह संभाल सकती थी, लेकिन कुछ ब्रांड्स ऐसे थे जो काम पूरा होने के कई महीनों बाद तक भी भुगतान नहीं करते थे।" प्रार्थना ने कहा कि विदेशी क्लाइंट्स आमतौर पर ज्यादा प्रोफेशनल होते हैं।

उन्होंने कहा, "अब पांच साल बाद पीछे मुड़कर देखती हूं, तो मुझे लगता है कि कॉर्पोरेट नौकरी करना और कंटेंट क्रिएशन को एक शौक के तौर पर रखना मेरे लिए बेहतर विकल्प है।" उन्होंने आगे कहा, "कॉर्पोरेट जीवन मुझे मानसिक रूप से एक्टिव रखता है, नई चुनौतियां देता है और यह ऐसा काम है जिसे मैं वास्तव में पसंद करती हूं।" उन्होंने कहा, "इससे मुझे यह आजादी मिलती है कि मैं किसी ब्रांड डील को स्वीकार करूं या नहीं। साथ ही, मैं बिना किसी दबाव या नतीजों की चिंता किए अपनी बात और अपनी रचनात्मकता को खुलकर व्यक्त कर सकती हूं।"

कंटेंट क्रिएशन की कमाई पर निर्भर होना कितना ठीक

सिर्फ कंटेंट क्रिएशन की कमाई पर निर्भर रहने को लेकर प्रार्थना ने कहा कि यह हर किसी के लिए सेफ ऑप्शन नहीं है। उन्होंने कहा, "अगर आप आर्थिक रूप से पूरी तरह से स्थापित नहीं हैं, तो सिर्फ कंटेंट क्रिएशन की कमाई पर निर्भर रहना हमेशा वित्तीय जोखिम से जुड़ा रहेगा।"

उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी और इन्फ्लुएंसर लाइफस्टाइल के बीच का अंतर बताते हुए कहा, "कॉर्पोरेट जॉब में मैं दिन खत्म होने पर अपना लैपटॉप बंद करती हूं। लेकिन कंटेंट क्रिएशन में ऐसा नहीं होता।" उन्होंने आगे कहा, "जब आपकी कमाई पूरी तरह कंटेंट पर निर्भर होती है, तो लाइक्स, व्यूज और कमेंट्स का असर आप पर पड़ने लगता है। ऐसे में सोशल मीडिया के आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं रहते, बल्कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करने लगते हैं।"

प्रार्थना का मानना है कि सोशल मीडिया पर धीरे-धीरे आगे बढ़ना बेहतर होता है। इंस्टाग्राम पर उनके 12 हजार से अधिक फॉलोअर्स है। उनका कहना है कि उनकी कॉर्पोरेट नौकरी से नियमित आय मिलती है, जिससे वह ब्रांड डील्स को सोच-समझकर चुन पाती हैं और सोशल मीडिया की कमाई पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं।

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