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'बेंगलुरु एक बुलबुला है...', आईटी प्रोफेशनल के सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर छेड़ी नई बहस, जानिए आखिर क्यों कहा ऐसा?

Bengaluru Lifestyle Debate: कुछ यूजर्स ने श्राविका के विचारों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि किसी को दूसरों की पसंद पर सवाल उठाने का हक नहीं है। उनके अनुसार फिटनेस लंबी उम्र की गारंटी नहीं है और लोगों को अपनी शर्तों पर जीने देना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने आंशिक रूप से सहमति जताते हुए कहा कि इसे 'बुलबुला' के बजाय 'इको चैंबर' कहना ज्यादा सही होगा

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 3:11 PM
'बेंगलुरु एक बुलबुला है...', आईटी प्रोफेशनल के सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर छेड़ी नई बहस, जानिए आखिर क्यों कहा ऐसा?
उन्होंने दावा किया कि जहां बेंगलुरु में लोग स्वस्थ खाने और नियमित व्यायाम को महत्व देते हैं, वहीं बाहर के समाज में अक्सर ऐसे प्रयासों का मजाक उड़ाया जाता है(Image- AI)

Bengaluru is Bubble: बेंगलुरु की एक प्रोफेशनल श्राविका जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भारत की टेक राजधानी को एक 'बुलबुला' (Bubble) बताकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है। उनके अनुसार, बेंगलुरु का माहौल देश के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग है, जो यहां रहने वालों के लिए वास्तविकता की एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराता है। श्राविका का तर्क है कि यह शहर मुख्य रूप से एक विशेषाधिकार प्राप्त लोगों का घर है, जो स्टार्टअप बनाने, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने और अपनी जीवनशैली को अपग्रेड करने में गहराई से इंटरेस्टेड है। उनके मुताबिक, यह वातावरण भारत के अन्य शहरों या ग्रामीण इलाकों की तुलना में एक अलग ही दुनिया जैसा महसूस होता है।

शहर से बाहर की दुनिया की प्राथमिकताओं में है बड़ा अंतर

श्राविका ने विस्तार से बताया कि जब भी वह बेंगलुरु से बाहर या अपने होमटाउन की यात्रा करती हैं, तो उन्हें एहसास होता है कि फिटनेस और पर्सनल डेवलपमेंट जैसी बातें इस शहर के बाहर कितनी दुर्लभ हैं। उन्होंने दावा किया कि जहां बेंगलुरु में लोग स्वस्थ खाने और नियमित व्यायाम को महत्व देते हैं, वहीं बाहर के समाज में अक्सर ऐसे प्रयासों का मजाक उड़ाया जाता है और अस्वास्थ्यकर आदतों को सामान्य माना जाता है। उनका कहना है कि स्टार्टअप दफ्तरों और जिमों से बाहर निकलने पर ही पता चलता है कि व्यवहार संबंधी समस्याएं कितनी गहरी हैं और इन्हें बदलने के लिए दशकों के निरंतर प्रयास और मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता है।

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