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तूफान में गिरा आंगन का पेड़, 85 साल के बुजुर्ग को बना गया लाखों का मालिक

बेंगलुरु के 85 वर्षीय एनजी केसरी के लिए तूफान में गिरा एक चंदन का पेड़ नुकसान नहीं, बल्कि बड़ी उपलब्धि बन गया। 40 साल तक संभाले गए इस पेड़ से उन्हें करीब 28 लाख रुपये मिले और संरक्षण के लिए सम्मान भी मिला। उनकी कहानी धैर्य, जिम्मेदारी और प्रकृति प्रेम की मिसाल बन गई

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jul 07, 2026 पर 12:48 PM
तूफान में गिरा आंगन का पेड़, 85 साल के बुजुर्ग को बना गया लाखों का मालिक
जिस पेड़ के गिरने को शुरुआत में नुकसान माना जा रहा था, वही पेड़ वर्षों की मेहनत के बाद उनके लिए सम्मान और बड़ी उपलब्धि लेकर आया।

तेज बारिश और आंधी के बाद पेड़ों का गिरना आमतौर पर नुकसान की खबर लेकर आता है, लेकिन बेंगलुरु के 85 वर्षीय एनजी केसरी की कहानी बिल्कुल अलग है। उनके घर के आंगन में करीब 40 साल से खड़ा एक चंदन का पेड़ तूफान में गिर गया, जो पहली नजर में एक बड़ी क्षति लग रही थी। लेकिन यही पेड़ बाद में उनके लिए किस्मत बदलने वाला साबित हुआ। वर्षों तक प्यार और जिम्मेदारी से इस पेड़ की देखभाल करने वाले केसरी को इसके बदले करीब 28 लाख रुपये मिले।

इतना ही नहीं, पेड़ के संरक्षण और नियमों का पालन करने के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मान भी मिला। यह कहानी बताती है कि प्रकृति की देखभाल और धैर्य का फल कई बार बेहद खास तरीके से मिलता है।

अपने आप उगा था चंदन का पौधा, प्यार से बनाया पेड़

करीब चार दशक पहले केसरी के घर के आंगन में चंदन का एक छोटा-सा पौधा अपने आप उग आया था। उन्होंने उसे हटाने के बजाय उसकी देखभाल करने का फैसला किया।

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