भोपाल का अनोखा स्टेशन, करोड़ों खर्च कर बनाया गया, लेकिन 3 साल बाद भी पहली ट्रेन का इंतजार, रात में भूत खोजने पहुंचते हैं लोग

भोपाल का निशातपुरा रेलवे स्टेशन इन दिनों अपनी सुविधाओं से ज्यादा अपनी वीरानी को लेकर चर्चा में है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार हुआ यह स्टेशन पूरी तरह सुसज्जित है, लेकिन यहां अब तक न ट्रेन रुकी है और न यात्रियों की चहल-पहल दिखी है। आखिर क्यों अधूरा पड़ा है यह आधुनिक स्टेशन

अपडेटेड Jul 15, 2026 पर 10:49 AM
जहां यात्रियों की चहल-पहल होनी थी, वहां अब खामोशी का राज है

हर रेलवे स्टेशन की अपनी एक पहचान होती है, लेकिन भोपाल का निशातपुरा रेलवे स्टेशन अपनी अनोखी वजह से चर्चा में है। यहां आधुनिक स्टेशन जैसी हर सुविधा मौजूद है खूबसूरत प्लेटफॉर्म, रोशनी, बैठने की व्यवस्था और यात्रियों के लिए जरूरी इंतजाम। इसके बावजूद आज तक यहां न कोई ट्रेन रुकी है और न ही यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकी है।

जून 2023 में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ यह स्टेशन अब अपनी सुविधाओं से ज्यादा अपनी वीरानी के लिए जाना जा रहा है। दिन में शांत दिखने वाला यह परिसर रात होते ही रहस्यमयी माहौल में बदल जाता है।

खाली प्लेटफॉर्म और डरावना सन्नाटा


निशातपुरा स्टेशन की इमारत भले ही नई और आकर्षक है, लेकिन खाली पड़े प्लेटफॉर्म इसकी अधूरी कहानी बयां करते हैं। रात के समय यहां फैला अंधेरा और सन्नाटा इसे एक अलग ही रूप दे देता है। यही वजह है कि स्थानीय लोगों के बीच यह जगह भोपाल के एक नए 'भुतहा पते' के तौर पर चर्चा में आने लगी है। हालांकि, इस रहस्य के पीछे कोई डरावनी घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही वीरानी है। जब किसी स्टेशन पर न ट्रेन की आवाज हो, न यात्रियों की भीड़ और न कर्मचारियों की हलचल, तो माहौल अपने आप रहस्यमयी लगने लगता है।

यात्रियों की जगह रोमांच तलाशने वाले पहुंच रहे हैं

स्थानीय निवासी प्रेम प्रकाश के अनुसार, निशातपुरा स्टेशन देखने में बेहद सुंदर बनाया गया है, लेकिन रात के समय यहां आना थोड़ा डरावना महसूस होता है। ट्रेन और यात्रियों की अनुपस्थिति के कारण अब यहां आम लोगों की जगह कुछ ऐसे लोग पहुंच रहे हैं, जो सुनसान और रहस्यमयी जगहों को देखने में रुचि रखते हैं।

करोड़ों का ढांचा तैयार

निशातपुरा स्टेशन की सबसे बड़ी पहेली यही है कि पूरी तैयारी के बाद भी यहां परिचालन शुरू क्यों नहीं हो पाया। स्टेशन पर निर्माण से जुड़े सभी बड़े काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन आवाजाही के लिए जरूरी कुछ प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण, सुरक्षा मंजूरी, स्टाफ की तैनाती और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद स्टेशन को शुरू किया जाएगा।

ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन ठहराव का इंतजार बाकी

निशातपुरा की सबसे बड़ी विडंबना ये है कि आसपास से ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन इस स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर अब तक किसी ट्रेन का ठहराव नहीं हुआ है। करोड़ों रुपये से तैयार यह सुविधा आज भी उस पहली ट्रेन का इंतजार कर रही है, जो यहां रुककर इसकी खामोशी तोड़ेगी।

स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद

आसपास के लोगों और कारोबारियों का मानना है कि स्टेशन शुरू होने से क्षेत्र को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के व्यापार और विकास को भी गति मिल सकती है। फिलहाल यह स्टेशन एक तैयार इमारत की तरह खड़ा है, जहां सुविधाएं तो मौजूद हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल शुरू नहीं हो पाया है।

रेलवे का दावा

भोपाल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल ने बताया कि स्टेशन को शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसे जल्द ही आम यात्रियों व ट्रेनों के लिए खोल दिया जाएगा।

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