कोरोना महामारी के दौरान लाखों प्रवासी मजदूरों को शहर छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा था। हालांकि, हालात सामान्य होने के बाद कई लोग फिर से काम की तलाश में शहरों की ओर लौट गए, लेकिन कुछ लोगों ने गांव में रहकर ही नया रोजगार शुरू करने का फैसला किया। ऐसी ही एक कहानी बिहार के दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के किसान शशि रंजन की है, जिन्होंने हंस पालन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है।
