Get App

800 रुपये का एक अंडा! बिहार का ये किसान अपने अनोखे बिजनेस से कमा रहा लाखों

शशि रंजन का कहना है कि हंस पालन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें खर्च बहुत कम आता है। अगर गांव में तालाब, पोखर या कोई छोटा जलाशय हो, तो हंसों को आसानी से पाला जा सकता है। हंस ज्यादातर घास, कीड़े-मकोड़े और छोटी मछलियां खाकर अपना पेट भर लेते हैं, जिससे उनके खाने पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jun 02, 2026 पर 5:25 PM
800 रुपये का एक अंडा! बिहार का ये किसान अपने अनोखे बिजनेस से कमा रहा लाखों
वह गांव में रहकर ही सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।

कोरोना महामारी के दौरान लाखों प्रवासी मजदूरों को शहर छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा था। हालांकि, हालात सामान्य होने के बाद कई लोग फिर से काम की तलाश में शहरों की ओर लौट गए, लेकिन कुछ लोगों ने गांव में रहकर ही नया रोजगार शुरू करने का फैसला किया। ऐसी ही एक कहानी बिहार के दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के किसान शशि रंजन की है, जिन्होंने हंस पालन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है।

कोरोना में गांव लौटकर शुरू किया ये काम

महामारी से पहले शशि रंजन गुजरात के सूरत शहर में नौकरी करते थे। लेकिन कोरोना के दौरान उन्हें अपने गांव वापस आना पड़ा। गांव लौटने के बाद उन्होंने खेती और मछली पालन का काम शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हंस पालन की ओर भी कदम बढ़ाया। शुरुआत में यह काम छोटे स्तर पर शुरू किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनके लिए अच्छी कमाई का साधन बन गया। आज हंस पालन से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है और वह गांव में रहकर ही सफल किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।

एक अंडे की कीमत 800 रुपए 

सब समाचार

+ और भी पढ़ें