बेंगलुरु को अक्सर ट्रैफिक, महंगे किराए और तेज रफ्तार जिंदगी के लिए जाना जाता है। फिर भी बड़ी संख्या में लोग इस शहर में रहना पसंद करते हैं। हाल ही में बिहार के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर बताया कि आखिर क्यों लोग इतनी परेशानियों के बावजूद बेंगलुरु छोड़ना नहीं चाहते। व्यक्ति के सोशल मीडिया पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किया है। कुछ लोगों ने उनकी राय का समर्थन किया, जबकि कुछ ने शहर की समस्याओं को लेकर अपनी असहमति जताई।
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में अंकित ने बताया कि बेंगलुरु में एक अलग ही आकर्षण है, जो लोगों को यहां रोककर रखता है। उन्होंने कहा, “यह बेंगलुरु है। लोग यहां काम करने आते हैं, लेकिन फिर इस शहर को छोड़ने का मन नहीं करता। चाहे वे अकेलेपन का सामना कर रहे हों, तनाव में हों या रोज के भारी ट्रैफिक से परेशान हों, फिर भी यहां रहना पसंद करते हैं। भले ही उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा महंगे किराए में चला जाए। गुड़गांव, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में भी आईटी कंपनियां हैं, लेकिन बेंगलुरु का शानदार मौसम लोगों को कहीं और जाने नहीं देता।”
अंकित ने कहा कि बेंगलुरु का खुशनुमा मौसम लोगों को इस शहर से खास जुड़ाव महसूस कराता है। यही वजह है कि कई लोग यहां की परेशानियों के बावजूद बेंगलुरु छोड़ना नहीं चाहते। उनकी बात कई सोशल मीडिया यूजर्स को पसंद आई और लोगों ने इससे सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “यह बिल्कुल सच है।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “तीन-चार दशक पहले मुंबई वह शहर था, जहां लोग अपने सपनों को पूरा करने आते थे। आज वही जगह बेंगलुरु ने ले ली है।”
कई यूजर्स का मानना है कि बेंगलुरु सिर्फ नौकरी का शहर नहीं है, बल्कि यहां का माहौल, करियर के अवसर और जीवनशैली लोगों को इस शहर से गहरा जुड़ाव महसूस कराती है।
कुछ युजर ने नहीं किया सपोर्ट
वहीं कुछ यूजर अंकित की बात से सहमत नहीं थे। एक यूजर ने लिखा, “अगर वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिल जाए, तो 80% बाहरी लोग अपने शहर वापस लौट जाएंगे। बेंगलुरु के मौसम को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है।” दूसरे व्यक्ति ने लिखा, “यह सब बकवास है। यहां ज्यादातर फुटपाथ टूटे हुए हैं और लोग अपनी गाड़ियां पैदल चलने वालों के रास्ते पर खड़ी कर देते हैं। मुझे खुशी है कि मैंने यह शहर छोड़ दिया।”