100 रुपये लेने से मना किया, Blinkit राइडर ने जो कहा उसे सुन MBA मैनेजर भी रह गईं दंग

कई बार असली सीख बड़े-बड़े भाषणों या किताबों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी घटनाओं से मिलती है। ऐसा ही एक अनुभव एक प्रोडक्ट मैनेजर को Blinkit डिलीवरी पार्टनर से मिला। उनकी छोटी-सी बातचीत ने काम के प्रति जिम्मेदारी, मेहनत और सफलता के मायने समझा दिए, जिसकी चर्चा अब सोशल मीडिया पर हो रही है

अपडेटेड Jul 18, 2026 पर 9:57 AM
डिलीवरी पार्टनर ने कहा, "पिछले महीने मेरी रेटिंग 4.2 थी।

कभी-कभी जिंदगी की बड़ी सीख किसी खास मौके या बड़ी जगह से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी घटनाओं से मिलती है। ऐसा ही एक अनुभव एक प्रोडक्ट मैनेजर के साथ हुआ, जब एक Blinkit डिलीवरी पार्टनर की सोच ने उन्हें हैरान कर दिया। एक सामान्य-सी डिलीवरी के दौरान हुई बातचीत ने मेहनत, जिम्मेदारी और सफलता को देखने का नजरिया बदल दिया। इस घटना ने यह दिखाया कि काम में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है।

जहां कॉर्पोरेट दुनिया में अप्रेजल और लक्ष्य अहम माने जाते हैं, वहीं एक डिलीवरी पार्टनर ने अपनी रेटिंग को ही अपनी मेहनत का पैमाना बना लिया। उनकी बातों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा और कई यूजर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली प्रोफेशनलिज्म आखिर होता क्या है।

गलत पते पर पहुंचा ऑर्डर, फिर भी नहीं बदला रवैया


यह कहानी प्रोडक्ट मैनेजर मानसी शर्मा ने LinkedIn पर शेयर की। उन्होंने बताया कि एक दिन Blinkit से सामान मंगाते समय गलती से पुराना सेव किया हुआ पता चुन लिया। डिलीवरी पार्टनर ने कॉल कर बताया कि दिए गए पते पर कोई गेट नहीं खोल रहा है। गलती का पता चलने पर मानसी ने माफी मांगी और पूछा कि क्या डिलीवरी पार्टनर उनका सही पता ढूंढकर वहां सामान पहुंचा सकता है। नया पता करीब 3 किलोमीटर दूर था।

जब डिलीवरी बॉय ने दिखाई 'एक्स्ट्रा माइल' वाली सोच

आम तौर पर ऐसी स्थिति में कोई भी डिलीवरी रोक सकता था या नया ऑर्डर करने को कह सकता था। लेकिन इस डिलीवरी पार्टनर ने बिना किसी शिकायत के हां कर दी। वह 3 किलोमीटर दूर गया, सामान पहुंचाया और चेहरे पर मुस्कान के साथ डिलीवरी पूरी की।

100 रुपये का ऑफर भी ठुकराया

मानसी को लगा कि डिलीवरी पार्टनर को हुई परेशानी के लिए कुछ अतिरिक्त देना चाहिए। उन्होंने उसे 100 रुपये देने चाहे, लेकिन उसने विनम्रता से पैसे वापस कर दिए। इसके बाद उसने जो बात कही, उसने पूरी कहानी का नजरिया बदल दिया।

'रेटिंग ही मेरी अप्रेजल है'

डिलीवरी पार्टनर ने कहा, "पिछले महीने मेरी रेटिंग 4.2 थी। जब मैं एक्स्ट्रा माइल जाता हूं तो यह 4.8 हो जाती है। यही मेरी अप्रेजल है।" उसकी यह सोच बताती है कि वह सिर्फ एक ऑर्डर पूरा नहीं कर रहा था, बल्कि अपनी रोज की मेहनत से अपने प्रदर्शन रिकॉर्ड को बेहतर बना रहा था।

MBA से ज्यादा असरदार निकली उसकी सोच

मानसी ने कहा कि उनके पास MBA की डिग्री है, लेकिन उस डिलीवरी पार्टनर ने परफॉर्मेंस और मोटिवेशन को जिस तरह समझा, वह कई मैनेजर्स के लिए भी सीखने वाली बात है। जहां कॉर्पोरेट कर्मचारियों की परफॉर्मेंस साल में एक-दो बार मापी जाती है, वहीं गिग वर्कर्स को हर ऑर्डर के साथ अपनी रेटिंग सुधारने का मौका मिलता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा 'यही असली मैनेजमेंट है'

मानसी की पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने डिलीवरी पार्टनर की सोच और काम के प्रति लगन की तारीफ की। लोगों ने कहा कि बिना बड़ी डिग्री के भी कई लोग जिंदगी और काम की ऐसी समझ रखते हैं, जो किताबों से नहीं मिलती।

एक यूजर ने लिखा, "कुछ लोग डिग्री से ज्यादा बड़ी सीख दे जाते हैं।" वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि असली मोटिवेशन अक्सर टाइटल से नहीं, बल्कि उस चीज से आता है जो किसी व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करती है।

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