ऑनलाइन शॉपिंग ने हमारी जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। अब किराने के सामान से लेकर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें कुछ ही मिनटों में घर पहुंच जाती हैं। हालांकि, इस सुविधा के साथ एक सवाल भी अक्सर लोगों के मन में रहता है, क्या ऑनलाइन खरीदारी वाकई पैसे बचाती है या फिर धीरे-धीरे जेब पर अतिरिक्त बोझ डालती है? कई बार बिना सोचे-समझे कार्ट में जुड़ने वाली चीजें और बार-बार लगने वाले डिलीवरी चार्ज खर्च को बढ़ा देते हैं। इसी सवाल का जवाब जानने के लिए एक कपल ने ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी की तुलना की।
उनका यह छोटा सा प्रयोग सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उसने लोगों को अपनी शॉपिंग आदतों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया। आखिर इस तुलना में क्या नतीजा निकला, यह जानकर आप भी हैरान रह सकते हैं।
एक महीने का खर्च देखकर हुए हैरान
कपल ने बताया कि उन्होंने एक महीने में Blinkit पर करीब 20 हजार रुपये खर्च कर दिए थे। इसके बाद उन्होंने तय किया कि वे जांच करेंगे कि आखिर ऑनलाइन खरीदारी ज्यादा महंगी है या सुपरमार्केट से सामान लेना।
बनाई पूरी लिस्ट और पहुंच गए सुपरमार्केट
दोनों ने अपने महीनेभर की जरूरतों की एक लिस्ट तैयार की और पास के सुपरमार्केट में खरीदारी करने पहुंच गए। वहां उन्हें एक दिलचस्प बात पता चली। कई सामान उनकी अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) से कम दाम पर मिल रहे थे, जिसे देखकर वो भी हैरान रह गए।
सुपरमार्केट से खरीदारी पूरी करने के बाद उनका कुल बिल 6,623 रुपये आया। इसके बाद उन्होंने घर आकर वही सामान Blinkit की कार्ट में जोड़ा और दोनों खर्चों की तुलना की।
जब Blinkit का कुल बिल देखा गया, तो वह सुपरमार्केट के बिल से सिर्फ करीब 1,000 रुपये ज्यादा था। शुरुआत में उन्हें लगा था कि कीमतों में बहुत बड़ा अंतर होगा, लेकिन ऐसा नहीं निकला।
कपल के मुताबिक समस्या सिर्फ सामान की कीमत नहीं थी। उन्होंने महसूस किया कि अक्सर आखिरी समय पर सामान मंगाने के कारण बार-बार डिलीवरी चार्ज देना पड़ता है। इसके अलावा चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और दूसरी अतिरिक्त चीजें भी बिना जरूरत के कार्ट में जुड़ जाती हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है।
लोगों ने भी साझा किए अपने अनुभव
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव कमेंट सेक्शन में साझा किए। कुछ लोगों का कहना था कि वे महीनेभर का राशन हमेशा सुपरमार्केट से खरीदते हैं और Blinkit जैसी सेवाओं का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी जरूरतों के लिए करते हैं।
ऑनलाइन खरीदारी में क्यों बढ़ जाता है खर्च?
कई यूजर्स ने माना कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय अतिरिक्त सामान कार्ट में जोड़ना आसान होता है। वहीं ऑफलाइन खरीदारी में लोग हर चीज को सामने देखकर सोच-समझकर खरीदते हैं, जिससे अनावश्यक खर्च कम हो जाता है।
क्या है इस वायरल वीडियो की सीख?
यह वायरल वीडियो बताता है कि कई बार ज्यादा खर्च की वजह सिर्फ महंगे दाम नहीं होते, बल्कि हमारी खरीदारी की आदतें भी होती हैं। अगर पहले से योजना बनाकर खरीदारी की जाए और गैर-जरूरी चीजों से बचा जाए, तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पैसे बचाए जा सकते हैं।