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Blood Moon: सितंबर के महीने में भारत में दिखेगा ब्लड मून, शहरों के हिसाब से नोट कर लें ये टाइम

Blood Moon: इस ब्लड मून को इस साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटना माना जा रहा है। यह ग्रहण लगभग 82 मिनट तक चलेगा। 7 सितंबर, 2025 का पूर्ण चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप में दिखाई देगा। वहीं ये ब्लड मून भारत के इस शहरों में दिखाई देगा

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Aug 29, 2025 पर 10:10 PM
Blood Moon: सितंबर के महीने में भारत में दिखेगा ब्लड मून, शहरों के हिसाब से नोट कर लें ये टाइम
वहीं ये चंद्र ग्रहण केवल कुछ ही जगहों पर दिखाई देगा

Blood Moon: सितंबर के महीने में आसमान में एक अनोखा कुदरती नजारा देखने को मिलने वाला है। ये दुर्लभ संयोग 7 सितंबर को देखने को मिलेगा। 7 सितंबर को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का चमकता गोला बन जाएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। इस ब्लड मून को इस साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटना माना जा रहा है। यह ग्रहण लगभग 82 मिनट तक चलेगा और इसे हाल के वर्षों के सबसे लंबे और व्यापक रूप से देखे जाने वाले चंद्र ग्रहणों में से एक माना जा रहा है। वहीं ये चंद्र ग्रहण केवल कुछ ही जगहों पर दिखाई देगा, आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में। भारत में कब और कहां पर इसे देख सकते हैं।

कैसे होता है ब्लड मून

पूर्ण चंद्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी गहरी छाया, जिसे अम्ब्रा कहते हैं, चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह अंधेरा नहीं होता, बल्कि गहरे लाल और तांबे रंग में चमकता है। यह सुंदर और अद्भुत दृश्य इसलिए बनता है क्योंकि पृथ्वी का एटमॉस्फेयर सूर्य के प्रकाश को मोड़ देता है, जिससे नीले और बैंगनी रंग के छोटे वेब लेंथ फिल्टर हो जाते हैं और सिर्फ लाल और नारंगी रंग ही चंद्रमा तक पहुंचते हैं।

ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल दिखाई देना रेले प्रकीर्णन नामक प्रक्रिया से समझा जा सकता है। जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरता है, तो कण छोटे तरंगदैर्ध्य (वेब लेंथ) वाले रंगों को चारों ओर फैला देते हैं। इस प्रक्रिया में लाल और नारंगी रंग पृथ्वी के चारों ओर घूमकर चंद्रमा तक पहुंचते हैं, जिससे चंद्रमा को लालिमा भरा दिखाई देता है और यह ब्लड मून जैसा प्रभाव पैदा करता है।

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